गर्मी की छुट्टियों में चंडीगढ़ के रास्ते घूमने जाने वालों के लिए मायूसी भरी खबर हैं. रनवे विस्तार की वजह से चंडीगढ़ की इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 20 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. शनिवार को बंद किए गए एयरपोर्ट को अब एक जून यानी के 20 दिन बाद ही खोला जाएगा.
इस फैसले से प्रतिदिन 32 उड़ानें प्रभावित होंगी और दिल्ली और दूसरे गंतव्य को जाने वाले यात्रियों को बस और ट्रेन का सहारा लेना पड़ेगा. गौरतलब है कि चंडीगढ़ से बैंकॉक, शारजाह और दुबई के लिए सीधी उड़ानें हैं जो रनवे के विस्तार के चलते अब बंद कर दी गई हैं.
एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी ने यहां तक आने वाले सभी रास्तों को रोक दिया गया है. लेकिन एयरपोर्ट बंद होने के फैसले से बेख़बर कई यात्री अब भी एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं. एयरपोर्ट बंद होने से न केवल आम यात्रियों बल्कि गर्मियों की छुट्टी के चलते विदेश यात्रा का मन बना चुके अभिभावकों और उनके बच्चों को भी परेशानी हो रही है.
यहां आने वाले कई मुसाफिर का मानना है कि सरकार को गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद एयरपोर्ट के विस्तार का काम शुरू करना चाहिए था. स्थानीय निवासी राजीव ने बताया कि चंडीगढ़ से दुबई, शाहजाह या बैंकॉक जाने के लिए जितना समय लगता है अब उससे भी कहीं ज्यादा समय सड़क मार्ग से दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगेगा.
हवाई यात्रा के लिए यहां पहुंचे चोगा सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट को बंद करने का फ़ैसला ग़लत है. उन्होंने कहा कि कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के लोगों के लिए पर्यटन के लिहाज से चंडीगढ़ एक केंद्र बिंदु है और एयरपोर्ट बंद होने से पर्यटन और दूसरे उद्योग प्रभावित होंगे.
हवाई यात्रा की सुविधा बंद होने के बाद अब चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस और वातानुकूलित बसों पर बोझ पड़ेगा. इसके अलावा उड़ानें न होने के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट से टैक्सी सेवाएं देने वाले कई कारोबारियों को भी लाखों रुपये का घाटा होगा. एयरपोर्ट पर कम से कम 200 से अधिक टैक्सी मालिक काम करते हैं.
एयरपोर्ट बंद होने का मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के संज्ञान में भी है. लेकिन कोर्ट ने एयरपोर्ट विस्तार के समय में परिवर्तन करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं होगा और न ही काम जल्दबाजी में काम किया जाएगा.
हाईकोर्ट ने सरकार को 25 मई तक उड़ानों का अंतिम शेड्यूल तैयार करने को कहा है. उधर शुक्रवार को उत्तर रेलवे की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि जरूरत हुई तो शताब्दी ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे.