देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने 42 सुधारों की एक सूची तैयार की है, जिनमें कृषि कानूनों को भी शामिल किया गया है. इस सूची में उन कानूनों या सुधारों को डाला गया है जो एनडीए के सत्ता में आने के बाद पिछले छह वर्षों के दौरान वजूद में आए हैं और जिनके बारे में सरकार का मानना है कि इनसे देश पर काफी प्रभाव पड़ा है.
मौजूदा किसान आंदोलन और पिछले साल नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के बारे में जो नकारात्मक प्रचार हुआ है, उससे निपटने की रणनीति के तहत ऐसा किया गया है. यहां तक कि किसान नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार ने अपनी सूची में नए कृषि कानूनों के तहत एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) को भी इस सूची में डाला है.
एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड 9 अगस्त, 2020 को लॉन्च किया गया था. इस फंड के तहत फसल की कटाई के बाद उसके मैनेजमेंट के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करने और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों (Community Agricultural Assets) में निवेश के लिए सस्ता कर्ज दिया जाना है. यह योजना 10 वर्षों के लिए यानी वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2029 तक लागू रहेगी.
दिल्ली की सीमा पर एक महीने से ज्यादा वक्त से हजारों किसान डेरा डाले हुए हैं और बिना कोई हल निकले वे अब भी जमे हुए हैं. सरकार की इस सूची में 2014 से लेकर 2020 के बीच लाए गए सुधारों के बारे में बात की गई है. मोदी सरकार मई 2014 में सत्ता में आई थी. 2019 के बाद से इस सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा है.
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मंत्रालयों को सुधारों का विवरण देने को कहा गया
मुख्य सचिव और कैबिनेट सचिव की ओर से प्रधानमंत्री को नियमित अपडेट भेजा जा रहा है और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) इस पर अपनी निगाह बनाए हुए है. सभी मंत्रालयों को इन सुधारों का विवरण देने के लिए कहा गया है जिनका प्रचार किया जाना है और सूचना प्रसारण मंत्रालय को भी लूप में रखा गया है.
सुधारों की इस सूची में अनुच्छेद 370 को भी डाला गया है जो जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार प्रदान करता था और मोदी सरकार ने जिसे खत्म कर दिया. यह सरकार द्वारा लिए गए सबसे बड़े निर्णयों में से एक रहा. बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी वादा किया था कि वह जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करेंगे. अनुच्छेद 370 के खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित हो गया था- लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया.
सुधारों की इस सूची में कृषि कानूनों के अलावा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST), स्वच्छ भारत मिशन, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और ट्रिपल तलाक कानून को भी डाला गया है. सुप्रीम कोर्ट के 2017 में अपने एक फैसले में तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था जिसके बाद मोदी सरकार ने कानून बनाकर इसे आपराधिक घोषित कर दिया.
कई दूसरे बड़े नीतिगत फैसलों को इन सुधारों की श्रेणी में रखा गया है, जिनके बारे में सरकार प्रचार की जरूरत महसूस कर रही है. ऊर्जा मंत्रालय के तहत उजाला योजना, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत उड़ान, श्रम मंत्रालय के तहत लेबर कोड, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत स्किल इंडिया, शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों को इसमें शामिल किया गया है.
सभी मंत्रालयों से कहा गया है कि वे अपने विभागों से जुड़े सुधारों पर 5 पेज की प्रस्तुति दें. इसमें विस्तृत ब्यौरा होगा कि वास्तव में क्या सुधार किया गया, इससे किसे फायदा हुआ, सुधार कब तक चर्चा में रहा और अगर अभी भी इसे लागू नहीं किया गया है तो इसे अंतिम रूप कब दिया जा सकता है.