नए कृषि कानूनों को लेकर दक्षिण में सियासत गरमा गई है. शनिवार को तमिलनाडु में स्टालिन सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. हालांकि इस लेकर सदन में खूब हंगामा भी मचा.
तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव का विरोध करते हुए AIADMK और BJP के विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव जल्दबाजी में पेश किया गया. राज्य सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर पहले इस पर बातचीत करनी चाहिए थी.
किसानों पर दर्ज मामले होंगे वापस
वहीं, एमके स्टालिन ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान केंद्र सरकार के तीन किसान-संबंधी कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे. पारित प्रस्ताव के मुताबिक, केंद्र से तीनों कृषि संबंधी कानूनों को वापस लेने का आग्रह भी किया गया है.
किसानों का 9 महीने से आंदोलन जारी
बता दें कि पिछले 9 महीने से नए कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी की गारंटी के लिए कानून सहित दूसरी मांगों के समर्थन में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा है. आंदोलन को धार देने के लिए 25 सितंबर संयुक्त किसान मोर्चा और उसके सहयोगी संगठन भारत बंद करने की तैयारी में हैं.