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'कमलनाथ जी से बात हुई, वे अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन नहीं कर रहे,' जीतू पटवारी का बयान

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि कोई सामान्य व्यक्ति ये काम नहीं कर सकता है. छोटे-छोटे पद के लिए बड़ी-बड़ी लड़ाई होती है और ये राहुल जी को उनकी मां से, उनके परिवार से विरासत में मिली भावना है, जो फिर से उन्होंने देश को बताया है कि पद हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है.

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पूर्व सीएम कमलनाथ व कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पूर्व सीएम कमलनाथ व कांग्रेस नेता जीतू पटवारी

भारत जोड़ो यात्रा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है. राहुल गांधी पहले ही अध्यक्ष बनने से इनकार कर चुके हैं. जिससे यह साफ हो गया है कि 24 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष गैर गांधी होगा. हालांकि कौन होगा पार्टी अध्यक्ष, इसको लेकर तमाम अटकलें चल रही हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. वहीं अब कमालनाथ को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विराम लगा दिया है.

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि कोई सामान्य व्यक्ति ये काम नहीं कर सकता है. छोटे-छोटे पद के लिए बड़ी-बड़ी लड़ाई होती है और ये राहुल जी को उनकी मां से, उनके परिवार से विरासत में मिली भावना है, जो फिर से उन्होंने देश को बताया है कि पद हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है. पद का त्याग करना एक स्वभाविक सी प्रक्रिया है. ये राहुल जी ने फिर से दर्शाया है. इसलिए नेहरू-गांधी परिवार का एक स्थान है देश में. राहुल जी ने जो किया वो कोई साधारण आदमी नहीं कर सकता, बहुत बड़े मन का, बहुत बड़ा व्यक्ति ही ये कर सकता है.

राहुल हमारे सबसे श्रेष्ठ नेता- पटवारी

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमारे सबके नेता हैं. अशोक गहलोत भी जिस तरीक़े से कहने आए, मनाने आए, उसका मतलब ये है कि वो (राहुल) हमारे सबसे श्रेष्ठ के नेता हैं. अध्यक्ष पद हमारा मान है, हमारी पार्टी का विचार है. जैसे राहुल जी ने कहा. ये पद नहीं होता. ये विचार की बात है. पर अंततः नेता हमारे राहुल गांधी जी हैं.

कमलनाथ का नामांकन से इनकार

पटवारी ने कहा कि अशोक गहलोत जैसा नेता अगर नामांकन करते हैं तो कांग्रेस के सभी लोग जानते हैं कि उनका एक लम्बा राजनीतिक अनुभव रहा है. राजनीति का मर्म कैसा है, पार्टी की अव्यशकता क्या है, वो जानते हैं. कमलनाथ जी से मेरी व्यक्तिगत रूप से बात हुई, उन्होंने कहा कि वे नॉमिनेशन नहीं कर रहे. उनका पूरा ध्यान मध्य प्रदेश में सरकार बनाने पर है. 

अशोक गहलोत का बदला रुख 

राहुल गांधी और सोनिया गांधी के रुखों के बाद गहलोत सीएम पद छोड़ने के लिए राजी हो गए हैं. गहलोत ने कहा था कि कोई भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकता है. लेकिन पूरे मुल्क में काम करके पोस्ट को जस्टीफाई भी करना होता है. ऐसे में दो पोस्ट पर काम नहीं हो सकता. इससे आशय निकाला जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर गहलोत राजस्थान सीएम की कुर्सी छोड़ देंगे. 

एक व्यक्ति, एक पद पर राहुल गांधी के बयान पर भी गहलोत से सवाल पूछा गया. इसपर गहलोत ने कहा कि राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा है. अगर कोई कांग्रेस अध्यक्ष बनता है तो वह राज्य के सीएम के रूप में किस प्रकार काम कर पाएगा, यह कभी हुआ नहीं है. गहलोत द्वारा सीएम पद छोड़ने के बाद क्या सचिन पायलट कुर्सी संभालेंगे? यह सवाल भी गहलोत से पूछा जा चुका है. इसपर उन्होंने कहा था कि यह मैं कैसे कह सकता हूं कि कौन सीएम बनेगा. इस पर मैं कुछ भी नहीं जा सकता हूं. मुख्यमंत्री तो विधायक चुनते हैं.

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