तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बीच राज्य की राजनीति दिलचस्प बनी हुई है. इसी बीच स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में BJP नेता के. अन्नामलाई और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच हुई हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली. दरअसल, तमिलनाडु में सरकार गठन की पूरी प्रक्रिया इस बार बेहद नाटकीय रही.
तमिलनाडु वेट्री कझगम यानी TVK के प्रमुख विजय ने रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. इसके बाद राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर को लेकर स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में चर्चा हुई, जहां अन्नामलाई और शशि थरूर एक ही पैनल में मौजूद थे. इस दौरान अन्नामलाई ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस तेजी से अपने पुराने सहयोगी DMK का साथ छोड़ा और विजय की पार्टी TVK का समर्थन किया, वह किसी गिरगिट के रंग बदलने जैसा है. अन्नामलाई ने कहा, ''रातों-रात कांग्रेस को DMK छोड़कर विजय की पार्टी में शामिल होने में बस एक रात लगी. गिरगिट भी इतनी तेजी से अपना रंग नहीं बदलता.''
उनके इस बयान के बाद पैनल चर्चा में मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी भी देखने को मिली. हालांकि, सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा शशि थरूर की प्रतिक्रिया को लेकर हुई. इंटरनेट पर कई लोगों ने कहा कि थरूर ने सीधे टकराव से बचते हुए शब्दों का ऐसा खेल खेला, जिसने अन्नामलाई के दावे पर परोक्ष तंज कस दिया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर थरूर ने लिखा, ''मेरा मानना है कि उन्होंने तमिलियन कहा था, गिरगिट नहीं.'' पैनल चर्चा के दौरान अन्नामलाई ने कांग्रेस की राजनीतिक सोच पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आज भी 1960 के दशक की राजनीति में अटकी हुई है. नई पीढ़ी सकारात्मक राजनीति चाहती है.
कांग्रेस पर हमलावर रुख अपनाने के बावजूद अन्नामलाई ने शशि थरूर की जमकर तारीफ भी की है. उन्होंने कहा कि वह थरूर का व्यक्तिगत तौर पर सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, ''हम सभी शशि थरूर जी का सम्मान करते हैं. वे बेहद विद्वान व्यक्ति हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सेवा दी है और हमेशा भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है.''
उन्होंने आगे कहा कि जब वे भी कांग्रेस पार्टी की भाषा बोलने लगते हैं, तब हमें दिक्कत होती है. दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे. कांग्रेस और उसकी सहयोगी DMK के लिए चुनावी नतीजे निराशाजनक रहे. कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटें मिलीं, जबकि DMK 59 सीटों पर सिमट गई.
दोनों दल बहुमत से काफी पीछे रह गए. वहीं, अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया. पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीत लीं और तमिलनाडु की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी. इसके बाद कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया. इसके बाद अन्य दल भी साथ आ गए.