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70 साल के हुए नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री के रूप में ये रही हैं पांच बड़ी उपलब्धियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरुवार को 71वां जन्मदिन है. प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं जो सीधे तौर पर उनकी इच्छाशक्ति को जाहिर करती हैं. फिर चाहे जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने की बात रही हो या फिर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाना रहा हो. इतना ही नहीं, राम मंदिर के निर्माण का शुभारंभ पीएम मोदी ने कार्यकाल में ही हुआ और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का शांतिपूर्ण ढंग से पटापेक्ष हुआ.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • PM मोदी के कार्यकाल की योजनाओं में गांव-शहर दोनों पर ध्यान
  • तीन तलाक से आजादी और 370 का खात्मा
  • मोदी राज में जीएसटी का सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिंदगी के 70 साल का सफर आज पूरा कर लिया है. देश की सत्ता पर काबिज होने के बाद नरेंद्र मोदी ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनकी गूंज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंची. प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो सीधे तौर पर उनकी इच्छाशक्ति को जाहिर करती हैं. फिर चाहे जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने की बात रही हो या फिर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने का मामला रहा हो. इतना ही नहीं, राम मंदिर के निर्माण का शुभारंभ पीएम मोदी ने कार्यकाल में ही हुआ और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का शांतिपूर्ण ढंग से पटापेक्ष हुआ. उनके कार्यकाल में जनकल्याण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान हुआ और उन्हें जमीन पर भी उतारा गया. ऐसे में हम एक-एक करके उन पांच उपलब्धियों को समझने की कोशिश करते हैं, जिसे मोदी सरकार ने अमलीजामा पहनाने का काम किया है. 

1. 370 का खात्मा, सीएए और तीन तलाक
मोदी सरकार ने सबसे एतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को लेकर लिया, जो जनसंघ के जमाने से उसकी प्राथमिकता में रहा है. मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया और इसके साथ ही राज्य को दो हिस्सों में बांट भी दिया. अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश हैं. मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कश्मीर समेत देश में एक देश, एक विधान और एक निशान की व्यवस्था लागू हो गई है. मोदी सरकार के इस फैसले को विश्व पटल पर भी स्थान मिला. ऐसे ही नरेंद्र मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने के लिए कदम उठाया. मोदी सरकार ने तीन तलाक पर पाबंदी के लिए 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019' को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया. एक अगस्त 2019 से तीन तलाक देना कानूनी तौर पर जुर्म बन गया. 

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नागरिकता संशोधन कानून को बड़े फैसले के तौर पर देखा जा सकता है. 10 जनवरी 2020 को इसे पूरे देश मे लागू कर दिया गया. इस कानून से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और यहूदी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिल सकती है. इस कानून में किए गए बदलाव को लेकर देश भर में कई महीने विरोध प्रदर्शन हुए. मुस्लिम महिलाएं इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रही थीं, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री तक ने कहा कि इस कानून के जरिए देश के किसी भी अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी. इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहा लेकिन सरकार ने भी इस कानून पर कदम पीछे नहीं खींचे.

2.सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत की सेना ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने का काम किया है. पाकिस्तान हमेशा से आतंकियों के जरिए कभी कश्मीर तो कभी भारत के दूसरे हिस्सों को अस्थिर करने की नापाक कोशिश करता रहा है. दरअसल ये जंग आमने-सामने की नहीं है, तो कई बार चाहते हुए भी भारत इसका जवाब नहीं दे पाता था. लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद 18 सितंबर 2016 को हुए उरी अटैक के 11 दिन बाद 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने एलओसी के उस पार घुसकर तमाम आतंकी लॉन्च पैड तबाह किए और कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया. 

इस सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया कि भारत अब आतंकी गतिविधियों के खिलाफ चुप नहीं बैठने वाला बल्कि पलटकर वार करने वाला है. इसके बाद 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ तो सीआरपीएफ के हमारे 40 जवान शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले के 12 दिन बात 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने  बॉर्डर पार कर पाकिस्तानी सीमा में बने आतंकियों के ठिकानों को को तबाह कर दिया. इसे एयर स्ट्राइक का नाम दिया गया था. पीएम मोदी राजनैतिक इच्छाशक्ति ने देश का सिर बुलंद कर दिया था. 

3.राम मंदिर का शुभारंभ
पांच अगस्त, 2020 एक ऐसी तारीख जो देश के इतिहास में दर्ज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया था. भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना बीजेपी तीन दशकों से दिखा तो रही थी लेकिन लोगों को इसे लेकर सबसे ज्यादा भरोसा उस समय जगा जब मई 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने रोज सुनवाई कर फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया, जिसका सभी ने सम्मान किया. कोर्ट के फैसले के खिलाफ किसी ने भी सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी नहीं जाहिर की. 

राम मंदिर का रास्ता भले ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हुआ हो लेकिन बीजेपी समर्थक इसके श्रेय के सवाल पर 'मोदी है तो मुमकिन है' ही कहते आ रहे हैं. 5 अगस्त की दोपहर जब प्रधानमंत्री मंदिर का भूमि पूजन कर केवल मंदिर निर्माण की ही शुरुआत नहीं की बल्कि इस विवादास्पद मामले को शांत के साथ निपटाया. इसके साथ ही उन्होंने गौरवशाली भारत की उस इमारत को मजबूत करने का काम किया है जिसे गंगा-जमुना तहजीब की नींव पर खड़ी इमारत कहा जाता है. 

4.लोककल्याण की योजनाएं
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गरीब जनता की जरूरतों के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए लगभग सवा सौ गरीब कल्याण योजनाओं को शुरू किया. जिसका सीधा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली गरीब जनता को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को देश की जनता को बैंकिंग से जोड़ने के लिए जन-धन योजना की घोषणा की थी. इस योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों के खाते खोले गए. देश में बैंकों ने कैंप लगाकर वंचित लोगों के खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग सुविधा से जोड़ने का काम किया था. देश के गरीब भी गैस के चूल्हे पर खाना बना सकें, इस मकसद से मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना का आगाज किया था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार मुफ्त में गैस सिलेंडर दिए गए. 

मोदी सरकार ने किसानों को पेंशन, आय दोगुनी उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने का जो वादा चुनाव के दौरान किया था, उसे सरकार बनने के बाद अमलीजामा पहनाने का काम किया है. किसानों की दशा और दिशा को सुधारने के लिए कृषि सेक्टर में सुधार के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) एक्ट में बदलाव किया गया है. मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल के आखिरी चरण में सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का काम किया था. इसके चलते नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों में एडमिशन तक के लिए गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो गया 

5.जीएसटी का सपना साकार
भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का मामला लंबे समय से अटका हुआ था. मोदी सरकार ने सत्ता में आने के तीन साल बाद संसद से जीएसटी को पास कराया और यह देश में एक जुलाई 2017 से लागू हो गया. देश में कर सुधार की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम था. जीएसटी लागू करने का मकसद एक देश-एक कर (वन नेशन, वन टैक्स) प्रणाली है. जीएसटी लागू होने के बाद उत्पाद की कीमत हर राज्य में एक ही हो गई है और राज्यों को उनके हिस्से का टैक्स केंद्र सरकार देती है.

 

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