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हंगामा करने वाले 8 सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड, सदन में NDA के पक्ष में समीकरण

सभापति ने विपक्ष दलों के आठ सांसदों को पूरे मॉनसत्र सत्र के लिए निलांबित कर दिया है. ऐसे में उच्च सदन का समीकरण अब सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में हो गया है जबकि लोकसभा में पहले से बहुमत का आंकड़ा है. ऐसे में सरकार को अब अपने विधेयकों को पास कराने में दोनों सदनों में कोई दिक्कत नहीं होगी. वहीं, नवंबर में एनडीए अपने दमपर बहुमत का आंकड़ा उच्चसदन में भी जुटा लेगा. 

संसद का फोटो संसद का फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विपक्ष के आठ सांसद पूरे सत्र के निलंबित
  • राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा बदला
  • नवंबर में NDA को अपने दम पर बहुमत

कृषि संबंधी विधेयक को लेकर राज्यसभा में रविवार को जमकर हंगामा हुआ. इसके चलते सभापति ने विपक्षी दलों के आठ सांसदों को पूरे मॉनसत्र सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. ऐसे में उच्च सदन का समीकरण अब सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में हो गया है जबकि लोकसभा में पहले से उसके पास बहुमत का आंकड़ा है. ऐसे में सरकार को अब अपने विधेयकों को पास कराने में दोनों सदनों में कोई दिक्कत नहीं होगी. वहीं, नवंबर में एनडीए अपने दमपर बहुमत का आंकड़ा उच्चसदन में भी जुटा लेगा. 

राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू रविवार को कृषि विधेयक के दौरान सदन में हुए हंगामे को लेकर नाराज दिखे. उन्‍होंने हंगामा करने वाले विपक्ष के आठ सांसदों को बचे हुए सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, सैयद नासिर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव, डोला सेन हैं. इस तरह से उच्च सदन में विपक्ष की ताकत और भी अब कमजोर हो गई है, जिसके चलते सत्तापक्ष मजबूत हो गया है. हालांकि, अभी तक उसके पास बहुमत की संख्या नहीं थी, लेकिन 8 सांसदों के निलंबित हो जाने के चलते समीकरण पक्ष में हो गया है. 

राज्यसभा में बीजेपी के पास 87 सदस्य हैं जबकि कांग्रेस के पास महज 40 सदस्य हैं. राज्यसभा के कुल 245 सदस्य हैं, जिनमें से बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए के पास सौ से ज्यादा सदस्य हैं. बीजपी 87, जेडीयू 5, अकाली दल 3, एजेपी 1, बीपीएफ 1, आरपीआई 1, एनपीएफ 1, एमएनएफ 1 और नामित सदस्य 7 को मिलाकर कुल 106 सदस्यों का समर्थन हासिल है. इसके अलावा एआईडीएमके 9 के सदस्य हैं, जो एनडीए सरकार के साथ खड़े रहते हैं. इस तरह से 115 सदस्य हो रहे हैं. 

वहीं, विपक्ष के पास कुल 130 की संख्या होती है, लेकिन 8 सदस्यों के निलंबन के बाद अब आकड़ा 237 हो गया है. इस तरह से बहुमत का सदन में बहुमत आंकड़ा 119 पहुंच रहा है. ऐसे में बीजेडी 9, निर्दलीय 2 और  वाईएसआर 6 सदस्यों की संख्या के साथ सरकार आसानी से उच्चसदन में बहुमत की संख्या को छू रहा है. कोरना के चलते मॉनसून सत्र 1 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा. इसके बाद अब दोबारा से सर्दी के मौसम में शीतकालीन सत्र होगा, लेकिन तब तक एनडीए अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा जुटा लेगा. 

दरअसल,  25 नवंबर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है. अगर मौजूदा समय की बात करें तो यूपी विधानसभा में अभी 395 (कुल सदस्य संख्या-403) विधायक हैं और 8 सीटें खाली हैं. यूपी विधानसभा की मौजूदा स्थिति के आधार पर नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत के लिए हर सदस्य को करीब 37 वोट चाहिए. इस तरह से बीजेपी नवंबर में 10 में से 8 सदस्यों को चुनकर उच्च सदन में आसानी से भेज सकती है. 

इसके अलावा उसे अतिरिक्त समर्थन मिल गया तो बीजेपी 9वीं सीट भी आसानी से जीत सकती है. इस तरह बीजेपी 87 सांसद हैं जबकि, एनडीए का कुल आंकड़ा 113 का है. ऐसे में सितंबर और नवंबर में यूपी में हो रहे चुनाव में भाजपा को उम्मीद के मुताबिक कुल 19 में से 10 सीटें मिल गईं तो एनडीए अपने दम पर बहुमत के आंकड़े को छू लेगा. इसके बाद अब जब संसद का अलगा सत्र शुरू होगा तो बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए बहुमत के साथ सदन में उपस्थित होगा. 


 

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