इस बुलेटिन में भारत के कच्चे तेल आयात में हुए बड़े बदलावों की पड़ताल की गई है, जिसमें रूस से खरीद में कमी और अमेरिका से आयात में साढ़े चार साल की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी शामिल है. चर्चा का मुख्य बिंदु यह है कि क्या यह बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव का नतीजा है, जिन्होंने हाल ही में रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों, रॉसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए हैं. बुलेटिन में इन दावों का विश्लेषण किया गया है कि 'बहुत सारे लोग ये दावा कर रहे हैं कि भारत की मोदी सरकार राष्ट्रपति ट्रंप के सामने झुक गई है.'