फिल्म और फिल्म में धर्म के नाम पर तांडव तो आपने देख लिया, मगर अब जो तांडव हम आपको दिखाने जा रहे हैं, वो सिस्टम का तांडव है. ऐसा तांडव जिसने छीन लिया है जिंदा आदमी के जिंदा होने का गुरुर. जिसने छीन लिया है जिंदा आदमी का गुरुर, जिंदा आदमी कई कई बरस से सरकारी बाबुओं की चौखट पर माथा रगड़ते हुए कह रहा है कि साहेब मैं जिंदा हूं. मगर साहेब ने कागज पर लिख दिया है मृतक. इसलिए मृतक बन चुके लोग अपने जिंदा होने की लड़ाई लड़ रहे हैं. आपको लगेगा कि आदमी नहीं सिस्टम मर गया है. देखें खास कार्यक्रम, चित्रा त्रिपाठी के साथ.