मध्य-पूर्व में चल रही जंग अब सिर्फ भूराजनीति की खबर नहीं रह गई है. इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में उतरने लगा है. सवाल सिर्फ यह नहीं कि युद्ध कौन जीत रहा है बल्कि यह है कि इसकी कीमत कौन-कौन चुका रहा है...तो इसके जवाब में भारत भी शामिल है. तेल की कीमतों में उछाल ने सबसे पहले संकेत दे दिया है. प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी यह बताती है कि वैश्विक संकट अब घरेलू बाजार में प्रवेश कर चुका है.