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कोरोना काल में अरबपतियों ने कमाई अथाह दौलत, 10% अमीरों के पास देश की करीब 45% संपत्ति: सर्वे

Corona period: अगर भारत के टॉप-10% अमीर लोगों पर अगर 1 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए तो उस पैसे से देश को करीब 18 लाख अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलिंडर मिल सकते हैं. इस कोरोना काल के दौरान देश में कुल अरबपति लोगों की संख्या 102 से बढ़कर 142 हो गई है यानी देश को 40 नये अरबपति मिले हैं.

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कोरोना काल में भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति दोगुनी से ज़्यादा हो गई. (सांकेतिक तस्वीर)
कोरोना काल में भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति दोगुनी से ज़्यादा हो गई. (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश को 40 नये अरबपति मिले हैं
  • देश में 4 करोड़ 60 लाख लोग गरीबी के दायरे में आए
  • 84 फ़ीसदी भारतीय परिवारों की आय कम हुई

कोरोना महामारी (corona pandemic) को लेकर आप अब तक यह देखते आए हैं कि ये वायरस बहुत ख़तरनाक है. लोगों को बहुत बीमार बना देता है. उनकी जान भी ले लेता है. इस महामारी के दौर में ऐसा वक़्त भी आया जब इस वायरस ने लोगों से उनका रोजगार और गरीबों से उनकी मजदूरी भी छीन ली. कुल मिलाकर आज के दौर में कोरोना वायरस लोगों के संकट और दुखों का सबसे बड़ा कारण है.

आप भी ऐसा मानते होंगे, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया के अमीर और पूंजीपति वर्ग के लिए ये वायरस किसी वरदान से कम नहीं है. इस कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर के अमीरों के धन और व्यापार में अथाह विस्तार हुआ है. यह सुनने में आपको थोड़ा अजीब लगेगा कि Covid संकट ही नहीं, बल्कि संपन्नता भी लाता है. कोरोना वायरस से जुड़ा ऐसा सत्य जो आपको मानना ही पड़ेगा.
 
सोमवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2022 का पहला दिन है और इसी मौके पर ऑक्सफैम इंडिया की तरफ से वार्षिक असमानता सर्वे जारी किया गया है. इस सर्वे के अनुसार कोरोना काल में भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति दोगुनी से ज़्यादा हो गई.

मार्च 2020 से नवंबर 2021 के दौरान देश के अरबपतियों की संपत्ति करीब 23 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 56 लाख करोड़ रुपये हो गई. इनकी अमीरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के टॉप-10 अमीर देश के सभी स्कूलों और कॉलेजों को अगले 25 सालों तक चला सकते हैं.

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अरबपतियों संख्या बढ़कर 142 हो गई

कोरोना काल में अमीरों की संपत्ति बढ़ने के साथ-साथ अमीरों की संख्या भी बढ़ी है. इस कोरोना काल के दौरान देश में कुल अरबपति लोगों की संख्या 102 से बढ़कर 142 हो गई है यानी देश को 40 नये अरबपति मिले हैं. अमीर होने या बनने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसका असर गरीबों की गरीबी बढ़ाने पर पड़ता है तो भयानक असमानता का जन्म होता है.

10% लोगों के पास देश की करीब 45% संपत्ति

इस सर्वे के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान देश में 4 करोड़ 60 लाख लोग गरीबी के दायरे में आए और करीब 84 फ़ीसदी भारतीय परिवारों की आय कम हो गई है. कोरोना के कारण असमानता इतनी बढ़ गई है कि देश के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोगों के पास देश की करीब 45 प्रतिशत संपत्ति है. अगर गरीबों की बात की जाए तो देश की 50 प्रतिशत गरीब आबादी के पास सिर्फ़ 6 प्रतिशत संपत्ति है.

इस रिपोर्ट में अमीरी- ग़रीब के अंतर को इस तरह समझाया गया है:-

  • अगर भारत के टॉप-10 प्रतिशत अमीर लोगों पर अगर 1 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए तो उस पैसे से देश को करीब 18 लाख अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलिंडर मिल सकते हैं.
  • इसके अलावा, देश के 98 अमीर परिवारों पर अगर 1 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए तो उस पैसे से आयुष्मान भारत प्रोग्राम को अगले 7 साल तक चलाया जा सकता है. आयुष्मान भारत दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम है. इसके तहत हर लाभार्थी को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है.

इस आर्थिक असमानता रिपोर्ट के अनुसार अब यह भी समझिए कि देश के अमीर पूंजीपतियों के पास कितनी संपत्ति है:-

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  • देश के 142 अरबपतियों की कुल दौलत करीब 53 लाख करोड़ रुपए है.
  • देश के 98 अमीर लोगों पर साढ़े 55 करोड़ गरीब लोगों के बराबर दौलत (ये करीब 49 लाख करोड़ रुपए होती है)
  • इन 98 परिवारों की कुल दौलत भारत सरकार के टोटल बजट का करीब 41 प्रतिशत है.
  • अगर भारत के टॉप-10 अमीर रोजाना 1 मिलियन डॉलर यानी 7 करोड़ 40 लाख रुपए खर्च करें तो भी उनकी दौलत को खर्च होने में 84 साल लग जाएंगे.
  • अगर देश के अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाया जाए तो इससे 5 करोड़ 80 लाख करोड़ रुपए कलेक्ट किया जा सकता है. इस पैसे से सरकार का हेल्थ बजट 271 प्रतिशत बढ़ सकता है.

(आजतक ब्यूरो)

 

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