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कोविड से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए WHO ने जारी किए दिशानिर्देश

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने COVID-19 से जुड़े बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. WHO ने इसके लिए, सहायक उपचार और देखभाल के अलावा कॉर्टिकोस्टेरॉइड (corticosteroids) का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

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MIS-C से पीड़ित बच्चों के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड इस्तेमाल करने की सलाह
MIS-C से पीड़ित बच्चों के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड इस्तेमाल करने की सलाह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीन स्टडी से निकले नतीजों की समीक्षा की गई
  • 885 मरीज़ों से लिए गए डेटा के आधार पर दी गई सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने COVID-19 से जुड़े बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. MIS-C एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी है जिसकी वजह से कोविड-19 से पीड़ित बच्चों के शरीर में अलग-अलग अंगों पर सूजन आ जाती है.

इस स्थिति में बच्चों को खास देखभाल की ज़रूरत होती है और उन्हें गहन देखभाल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है. एमआईएस-सी एक सीरियस कंडीशन है, लेकिन सही इलाज और देखभाल से इससे पीड़ित बच्चे ठीक हो जाते हैं.

3 स्टडी के बाद corticosteroids के इस्तेमाल की सलाह

जिसमें अस्पताल में भर्ती इस स्थिति से पीड़ित बच्चों (0-18 वर्ष की आयु) में, सहायक उपचार और देखभाल के अलावा कॉर्टिकोस्टेरॉइड (corticosteroids) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. 

तीन स्टडी से निकले नतीजों और 885 मरीज़ों से लिए गए डेटा की समीक्षा करने के बाद कॉर्टिकोस्टेरॉइड को इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. WHO ने इस स्थिति के बारे में सबसे पहले मई 2020 में बताया था.

बता दें कि बच्चों में कोविड-19 के गंभीर होने का जोखिम कम रहता है, लेकिन वयस्कों की ही तरह, कुछ परिस्थितियां बच्चों को ज़्यादा संवेदनशील बना देती हैं और कोविड गंभीर रूप ले लेता है. जो बच्चे मोटापा, फेफड़ों की पुरानी बीमारी (अस्थमा), हृदय रोग और इम्यूनो सप्रेशन से पीड़ित थे उनमें कोविड-19 के गंभीर होने का खतरा पाया गया.

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इस साल मई में गुजरात में इस नई बीमारी के 100 से भी ज्यादा मामले सामने आए थे. डॉक्टर्स के मुताबिक बच्चों में इस बीमारी के कुछ लक्षण देखे जा सकते हैं. जैसे- ठंड लगना , बुखार आना, शरीर पर काले धब्बे देखना, आंख लाल होना, पेट में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी होना, चेहरा या होंठ नीले होना.

 

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