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बंगाल में नाबालिग की मौत पर सियासी बवाल, शव को घसीटने वाले पुलिसकर्मियों पर एक्शन

उत्तरी दिनाजपुर में नाबालिग लड़की के शव को घसीटने वाले चार पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया गया है. इनमें से तीन कालियागंज और एक रायगंज थाने में तैनात थे. बता दें कि इस मामले को लेकर बंगाल में सियासत भी हो रही है.

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किशोरी के शव को घसीटते हुए पुलिसकर्मी
किशोरी के शव को घसीटते हुए पुलिसकर्मी

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले में बीते सप्ताह नाबालिग लड़की के शव को कथित तौर पर सड़क पर घसीटने के आरोप में चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि सस्पेंड किए गए चारों पुलिसकर्मी सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कालियागंज और रायगंज थाने में तैनात थे. 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि 21 अप्रैल को नाबालिग लड़की के शव को घसीटने के आरोप में हमने चार ASI को निलंबित कर दिया है. इनमें से तीन कालियागंज और एक रायगंज थाने में तैनात थे.  

बीते शुक्रवार को 17 वर्षीय किशोरी का शव कालियागंज स्थित नहर में तैरता हुआ मिला था. स्थानीय लोगों ने रेप और हत्या का आरोप लगाते हुए टायर जलाकर सड़क पर जाम लगा दिया और कई दुकानों में आग लगा दी. इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई. घटना की जांच को लेकर टीएमसी और एनसीपीसीआर के बीच सोमवार को भी जुबानी जंग जारी रही. इस मामले में जहां टीएमसी ने बीजेपी पर राजनीतिकरण और सांप्रदायिकता करने की कोशिश का आरोप लगाया. दरअसल बीजपी ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की और पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता देने का वादा किया.

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NCPCR चेयरमैन ने ममता सरकार पर लगाए आरोप

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो को राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी थी. परिवार से मिलने के बाद कानूनगो ने पुलिस द्वारा गंभीर चूक का आरोप लगाया और कहा कि वह केंद्रीय मंत्री अमित शाह को रिपोर्ट सौंपेंगे. कानूनगो ने दावा किया कि NCPCR की टीम को प्रशासन से किसी तरह का सहयोग नहीं मिला. मेरा मानना ​​है कि ममता सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है. 

इसके अलावा कानूनगो ने यह भी दावा किया कि पुलिस लड़की की मौत को आत्महत्या के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, जिस पर विश्वास करना मुश्किल है. उन्होंने कहा, "मैंने उसकी मार्कशीट देखी है और परिवार से बात की है. वह बहुत मेधावी छात्रा थी. यह विश्वास करना काफी कठिन है कि उसने आत्महत्या की." 

वहीं पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) ने कानूनगो के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह इस मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं. WBCPCR चेयरपर्सन अनन्या चक्रवर्ती ने कहा कि कानूनगो राजनीतिक मकसद से यहां आए हैं. उनके आरोप निराधार हैं. वह पीड़ित परिवार को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.  

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पुलिस ने कई धाराओं में किया केस दर्ज

वहीं पुलिस ने कहा कि आईपीसी और पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि लड़की के परिवार की शिकायत के आधार पर एक व्यक्ति और उसके पिता को भी गिरफ्तार किया गया है. एसपी मोहम्मद सना अख्तर ने कहा कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई चोट नहीं आई है.  

शव कब्जे में लेने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा 

लड़की की कथित तौर पर हत्या के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है. पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनाजपुर सना अख्तर ने बताया कि पुलिस जब पोस्टमॉर्टम के लिए लड़की का शव लेने गई तो उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. इसके बाद पुलिस को शव कब्जे में लेने के लिए लाठीचर्ज करना पड़ा. मालूम हो कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसको लेकर पुलिस की आलोचना हो रही है.

 

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