वैष्णो देवी यात्रा शनिवार को भारी भीड़ के कारण अस्थायी रूप से रोक दी गई. माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार दोपहर तक करीब 39,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जिससे भवन क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ हो गई.
चैत्र नवरात्रि (19 मार्च से 27 मार्च) के चलते वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी हुई है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया.
अधिकारी ने बताया, 'भवन क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. नए रजिस्ट्रेशन रविवार सुबह 4 बजे से फिर शुरू होंगे. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे फिलहाल अपने-अपने होटलों में लौट जाएं.'
श्राइन बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि 39,000 से अधिक श्रद्धालु कटरा पहुंचे और जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए. भीड़ बढ़ने के बाद शाम 4 बजे के आसपास यात्रा रोकनी पड़ी.
करीब 10,000 से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण के बाद पहले से ही गुफा मंदिर की ओर मार्ग में हैं. नवरात्रि के तीसरे दिन ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु पैदल मार्ग से मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कटरा बेस कैंप और मार्ग में मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. इस बीच, 19 मार्च से मंदिर परिसर में ‘शत चंडी महायज्ञ’ का आयोजन शुरू हो गया है, जो चैत्र नवरात्रि 2026 के शुभारंभ का प्रतीक है.
वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठानों से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है. भारी भीड़ को देखते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं.