भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि वह टैरिफ को लेकर आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से घोषित कदमों के असर का आकलन कर रही है. कल यानी शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की ओर से कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को 'अवैध' करार दिया था.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सरकार अमेरिका के टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है. मंत्रालय ने शुक्रवार को आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और इस संबंध में डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया.
हर फैसले का बारीकी से अध्ययन कर रही सरकार
मंत्रालय ने कहा, 'हमने कल (शुक्रवार) टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संज्ञान लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है.' मंत्रालय ने आगे कहा, 'अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं.'
सरकार ने कहा कि वह इन घटनाओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उनके संभावित असर को समझा जा सके. सरकार का यह बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ को 'अवैध' करार दे दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने क्या किया?
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने संबंधी एक कार्यकारी आदेश पर साइन कर दिए हैं. नए टैरिफ 24 फरवरी को भारतीय समयानुसार सुबह 10:31 बजे से लागू होंगे.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'मुझे यह बताते हुए गर्व है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के आदेश पर साइन किए हैं, जो लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा.'
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि ट्रंप शांति काल में पांच दशक पुराने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का उपयोग कर टैरिफ नहीं लगा सकते. इससे भारत पर लगाए गए 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ का कानूनी आधार खत्म हो गया.
24 फरवरी से लागू होंगे नए टैरिफ
इस कानूनी बदलाव के बाद भारत पर टैरिफ घटकर 3.5 प्रतिशत हो सकता था, जो ट्रंप के कदम से पहले ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जे के तहत लागू था. हालांकि ट्रंप ने तुरंत कदम उठाते हुए शनिवार तक नया आदेश जारी कर सभी देशों, जिसमें भारत भी शामिल है, पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का फैसला कर लिया.
इसके लिए उन्होंने सेक्शन 122 नामक एक कम इस्तेमाल होने वाले कानून का सहारा लिया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति को 150 दिनों के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. इसके बाद इस पर कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होती है. नया 10 प्रतिशत टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा.