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'स्पीकर ओम बिरला जेंटलमैन हैं, लेकिन सरकार के दबाव में काम कर रहे...', अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदों का आरोप

लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने दिखे. विपक्षी नेताओं ने कहा कि ओम बिड़ला सज्जन व्यक्ति हैं, लेकिन उन पर सरकार का दबाव है और उन्हें निष्पक्ष तरीके से सदन चलाना चाहिए. वहीं सत्ता पक्ष ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वे पूरी तरह निष्पक्ष हैं. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव केवल अध्यक्ष पर दबाव बनाने और सुर्खियां बटोरने के लिए लाया गया है.

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अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाए. Photo ITG
अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाए. Photo ITG

लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस देखने को मिली. विपक्षी दलों ने कहा कि वे चाहते हैं कि लोकसभा अध्यक्ष निष्पक्ष तरीके से सदन चलाएं और सरकार के दबाव में काम न करें, जबकि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अध्यक्ष के कामकाज का जोरदार बचाव किया. विपक्षी सांसदों ने कहा, 'स्पीकर ओम बिरला जेंटलमैन हैं, लेकिन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं.'

क्या बोले टी.आर. बालू?
बहस के दौरान द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता टी.आर. बालू ने कहा कि उन्हें ओम बिरला के प्रति व्यक्तिगत सम्मान है और वे उन्हें एक सज्जन व्यक्ति मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विपक्ष के सांसदों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को अपने आचरण में सुधार करते हुए निष्पक्ष तरीके से सदन का संचालन करना चाहिए.

वहीं तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालु ने अध्यक्ष के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि 2019 में पद संभालने के बाद से उन्होंने सदन को अच्छी तरह चलाया है. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में लोकसभा की उत्पादकता सबसे अधिक रही और नए सांसदों को भी बोलने का पर्याप्त अवसर मिला.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने यह अविश्वास प्रस्ताव सफल होने के लिए नहीं, बल्कि सुर्खियां बनाने के लिए लाया है.

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राजीव रंजन सिंह ने क्या कहा?
इसी दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल अध्यक्ष ओम बिरला पर दबाव बनाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि संसद 140 करोड़ लोगों के लिए कानून बनाती है और यदि कोई इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है तो यह पूरे देश का अपमान है.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि वे अध्यक्ष का सम्मान करते हैं, लेकिन उन पर विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि सदन नियमों और परंपराओं के अनुसार चलना चाहिए और अध्यक्ष को पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए.

साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अब तक लोकसभा में उपाध्यक्ष की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है.

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