तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय चौथी बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं. 76 साल के सौगत रॉय न सिर्फ टीएमसी बल्कि बंगाल के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री सौगत रॉय ने इस बार 'खंडित जनादेश' होने का दावा किया है.
सौगत रॉय ने कहा कि 1977 में जब मैं पहली बार सांसद बना था, तो मैंने चरण सिंह से लेकर मोरारजी देसाई तक बड़े-बड़े दिग्गज नेता देखे. लेकिन आज ऐसे दिग्गज नेता देखने को नहीं मिलते. जब मैं राजनीति में नया-नया आया था, तब मैं अपने वरिष्ठ नेताओं से कौतूहल में लगातार सवाल-जवाब करता रहता था, लेकिन अब मुझे गूगल अंकल कहा जाता है. युवा सांसद जब कुछ जानना चाहते हैं तो मेरे पास आते हैं.
बीजेपी के पास उम्मीदवार नहीं
क्या चुनाव लड़ने के लिए उम्र की कोई सीमा होनी चाहिए? इस सवाल पर सौगत रॉय कहते हैं, ये सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा है. बीजेपी में 75 पार उम्र के बाद चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि, ये चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति पर निर्भर होना चाहिए. अगर वो मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ है तो वो ऐसा कर सकता है. इसके साथ ही जनता की स्वीकृति भी मौजूद होनी चाहिए.
सौगत रॉय ने दावा किया कि बीजेपी के पास बंगाल में चुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को उम्मीदवार नहीं मिल रहे, आज उन्हें एसएस अहलूवालिया मिल गए. वो अपने क्षेत्र में कुछ नहीं करने के लिए जाने जाते हैं. दार्जिलिंग से बर्दवान और अब उन्हें आसनसोल में धकेल दिया है. उनके पास अभी भी डायमंड हार्बर के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है.
अमित शाह के बंगाल में 30 सीटें जीतने के दावे पर सौगत रॉय ने कहा कि किसी दिन अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी 35 जीतेगी, अब कहते हैं कि 30 जीतेगी. उनके पास उम्मीदवार नहीं है. ये एक हकीकत है.
NIA टीम पर हमले पर क्या बोले रॉय?
हाल ही में पश्चिम बंगाल में एनआईए की टीम पर हमला हुआ था. इस पर सौगत रॉय ने कहा कि वो किसी भी सरकारी अधिकारी पर हमले का समर्थन नहीं करते.
उन्होंने कहा, मैं किसी भी सरकारी अधिकारी पर किसी भी हमले का समर्थन नहीं करता, फिर चाहे वो एनआईए का अधिकारी हो या राज्य सरकार का. ये कोई पहले से प्लान्ड नहीं था. ये सब अचानक हुआ. उन्होंने कहा कि हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि शाहजहां शेख को सबसे पहले बंगाल पुलिस ने ही गिरफ्तार किया था.
उन्होंने कहा कि संदेशखाली की घटना से पार्टी के लिए झटका जरूर थी, लेकिन बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख को गिरफ्तार कर लिया. ममता बनर्जी ने स्थिति को अच्छे तरह से संभाल लिया. कोर्ट चाहे तो केस सीबीआई को सौंप सकती है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आरोपों की जांच तो होनी ही चाहिए, लेकिन सीबीआई का सक्सेस रेट क्या है?
क्या 400 पार जाएगी बीजेपी?
इस सवाल सौगत रॉय ने कहा कि 4 जून को जब नतीजे आएंगे तो ये खंडित जनादेश होगा. 30 से ज्यादा सीटों के साथ ममता बनर्जी एक अहम फैक्टर होंगी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के पास प्रधानमंत्री बनने के लिए सबकुछ है. वो तीन बार मुख्यमंत्री बनकर खुद को साबित कर चुकी हैं.