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ओडिशा: 100 रुपये नहीं दिए तो युवक ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति की हत्या कर दी

बताया गया है कि रविवार को सुबह 11.30 बजे प्रवीन धारुआ नाम का युवक ध्रुव राज नाइक के घर में घुस आया था. उस समय नाइक का पूरा परिवार वहां मौजूद था. प्रवीन सिर्फ और सिर्फ ध्रुव की तलाश में था और 100 रुपये की मांग कर रहा था.

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विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति की हत्या
विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति की हत्या
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति की हत्या
  • 100 रुपये को लेकर विवाद
  • पर्यावरण प्रेमी थे मृतक ध्रुव राज नाइक

ओडिशा ने एक महान पर्यावरण प्रेमी और विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ध्रुव राज नाइक को हमेशा के लिए खो दिया. एक 20 वर्षीय युवक मामूली से विवाद के बाद ध्रुव राज नाइक के घर में घुसा और पूरे परिवार के सामने उन्हें जान से मार दिया. बताया जा रहा है कि विवाद सिर्फ इतना रहा कि 20 वर्षीय युवक 100 रुपये चाहता था, जो नाइक का परिवार नहीं दे रहा था. इसी वजह से ध्रुव पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही पूर्व कुलपति ने अपना दम तोड़ दिया.

विश्वविद्याल के पूर्व कुलपति की हत्या

बताया गया है कि रविवार को सुबह 11.30 बजे प्रवीन धारुआ नाम का युवक ध्रुव राज नाइक के घर में घुस आया था. उस समय नाइक का पूरा परिवार वहां मौजूद था. प्रवीन सिर्फ और सिर्फ ध्रुव की तलाश में था और 100 रुपये की मांग कर रहा था. लेकिन परिवार सिर्फ उससे रुपये मांगने की वजह जानना चाहता था. अब इससे पहले की प्रवीन वह वजह बता पाता, उसे दूसरे रूम से ध्रुव निकलते दिख गए. प्रवीण ने ना आव देखा ना ताव और सीधे धारदार हथियार से ध्रुव की गर्दन पर हमला कर दिया. पूर्व कुलपति वहीं पर लहूलुहान हो गए और तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया. अब अस्पताल में उनका इलाज शुरू हो पाता, उससे पहले ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

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100 रुपये को लेकर विवाद

उस हमले के बाद आरोपी युवक सीधे उस जंगल की तरफ भागा जो खुद ध्रुव राज नाइक ने हजारों पेड़ लगाकार तैयार किया था. लेकिन वहां पर वो ज्यादा देर नहीं छिप पाया और वन अधिकारियों की मदद से कुछ ही घंटों में उसे पकड़ लिया गया. बाद में एसपी बिकश चंद्र दास ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान बताया कि आरोपी युवक उसी गांव से ताल्लुक रखता है जहां पर ध्रुव राज रहते थे. पूर्व कुलपति संग आरोपी का एक तालाब को लेकर झगड़ा था. दरअसल उस तालाब को नाइक ने एक दूसरे शख्स को लीस पर दे रखा था लेकिन आरोपी प्रवीन वहीं तालाब फ्री में लेना चाहता था. अपनी उसी चाहत में वह तालाब की रक्षा कर रहे एक सुरक्षा गार्ड को भी चोटिल कर चुका था. इसके बाद उसके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी लेकिन वह बेल पर बाहर आ गया.

ध्रुव राज नाइक की हत्या से पूरे ओडिशा में शोक की लहर है. पर्यावरण की दिशा में उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया था. ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक संग भी उनकी तस्वीर चर्चा का विषय रही थी.

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