केरल की राजनीति में एक बार फिर सबरीमाला गोल्ड केस को लेकर सियासी उबाल देखने को मिल रहा है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मामले में कांग्रेस और उसकी शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है.
राजीव चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं और केरल में कांग्रेस की सरकार थी, तब सबरीमाला गोल्ड केस के मुख्य आरोपी और कथित ब्रोकर उन्नीकृष्णन पोट्टी से कांग्रेस नेताओं की बार-बार मुलाकात क्यों हुई? उन्होंने कहा कि ये मुलाकातें केवल औपचारिक नहीं थीं, बल्कि लगातार संपर्क का मामला है और कांग्रेस को इस पर सफाई देनी चाहिए.
बीजेपी का आरोप है कि उन्नीकृष्णन पोट्टी को पहले कांग्रेस शासन के दौरान राजनीतिक संरक्षण मिला था, जब केरल के मुख्यमंत्री ऊमेन चंडी थे. बाद में वामपंथी सरकार में भी उसे संरक्षण मिलता रहा, जब पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री बने. बीजेपी ने कहा कि यह मामला किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता में समीक्षा के योग्य है क्योंकि दोनों प्रमुख दलों की भूमिका संदिग्ध है.
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राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री विजयन की ओर इशारा कर सवालों से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि असली सवाल सोनिया गांधी की भूमिका को लेकर है. उनका कहना है कि यदि कांग्रेस के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उसे साफ़ तौर से बताना चाहिए कि इन मुलाकातों का मकसद क्या था.
बीजेपी ने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे. पार्टी का कहना है कि सबरीमाला अयप्पा भक्तों, हिंदू श्रद्धालुओं और दुनिया भर के मलयाली समुदाय को सच्चाई जानने का पूरा हक है. बीजेपी ने इस मामले को आस्था से जुड़ा बताते हुए न्याय की मांग दोहराई है.