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LIVE: लखनऊ के KGMU में धरने पर डॉक्टर, पटना AIIMS में OPD बंद, निर्भया 2.0 का बैनर थामकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर

कोलकाता में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर के बाद पूरे देश में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं. अस्पतालों में सन्नाटा छाया हुआ है. कई अहम जिम्मेदारियां संभालने वाले रेजिडेंट डॉक्टर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच आज से रेजिडेंट डॉक्टरों ने OPD भी बंद रखने का फैसला किया है.

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कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के रेप और मर्डर के बाद पूरे देश के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं. तस्वीर लखनऊ के KGMU अस्पताल की है.
कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के रेप और मर्डर के बाद पूरे देश के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं. तस्वीर लखनऊ के KGMU अस्पताल की है.

कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर के बाद पूरे देश के डॉक्टर गुस्से में हैं. लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में रेजिडेंट डॉक्टर सभी काम छोड़कर धरने पर बैठे हुए हैं. उनके हाथों में ऐसे बैनर हैं, जिन पर निर्भया 2.0 लिखा हुआ है और स्केच की मदद से दुष्कर्म पीड़िता का चित्र बनाया हुआ है. पटना AIIMS में तो हालात और ज्यादा खराब हैं. यहां रेजिडेंट डॉक्टर्स ने OPD भी बंद कर दिया है.

हजारों की तादाद में रेजिडेंट डॉक्टर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने पीड़िता को न्याय मिलने तक काम बंद करने का ऐलान किया है. इस बीच आज से देशभर के सरकारी अस्पतालों में हालात और बद्तर होते जा रहे हैं, क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर्स ने आज से OPD भी बंद कर दिया है.

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने पहले ही 13 अगस्त से देशव्यापी विरोध के साथ ओपीडी और वैकल्पिक सेवाओं को बंद करने का आह्वान किया था. बता दें कि 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेजिडेंट (PGT) डॉक्टर के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था. आरोपी ने दुष्कर्म के बाद डॉक्टर की हत्या कर दी थी. इसके बाद से ही पश्चिम बंगाल के डॉक्टर्स ने प्रदर्शन करते हुए काम बंद करने का ऐलान किया था. लेकिन धीरे-धीरे अब डॉक्टरों का यह विरोध पूरे देश में फैल गया है.

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आश्वासन के बिना नहीं रुकेगी हड़ताल 

इस बीच फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा है कि जब तक केंद्रीय स्वास्थ्य देखभाल संरक्षण अधिनियम पर कोई आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक कोई कॉल ऑफ नहीं किया जाएगा. हमारी मांगें अभी भी अधूरी हैं. जब तक उनकी बात पूरी तरह से मान नहीं ली जाती, हम हड़ताल जारी रखेंगे.

गुस्साए डॉक्टर्स ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने अपनी 5 मांगें सामने रखीं.  

जेपी नड्डा का बयान

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार-हत्या की घटना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कहना है, 'पश्चिम बंगाल में युवा महिला पीजी छात्रा के साथ हुई घटना वास्तव में दिल दहला देने वाली है और इसने दुनिया और देश को हिलाकर रख दिया है. मैं इसकी निंदा करता हूं और बहुत दुख व्यक्त करता हूं कि इतनी अमानवीय घटना घटी है और जिस तरह से सरकार ने इसे छिपाने की कोशिश की है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए.' 

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से मुलाकात के दौरान IMA ने उठाई मांगें-

1. देशभर के अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए. कानून को सुरक्षित क्षेत्र शब्द के अधिकार को परिभाषित करना चाहिए.

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2. सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में पुलिस शिविर और पर्याप्त सुरक्षाकर्मी होने चाहिए.

3. बड़े निजी अस्पतालों में भी इसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए.

4. संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किये जायें.

5. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को नए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने के लिए पूर्व शर्त के रूप में सुरक्षा उपायों पर जोर देना चाहिए। एनएमसी के सुरक्षा ऑडिट में विफल रहने वाले मौजूदा मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द की जानी चाहिए.

दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों ने रखी ये 6 डिमांड

1. मामले को बिना देरी किए तुरंत CBI के हवाले किया जाए.

2. प्रिंसिपल के साथ-साथ MS और अल्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज का तुरंत इस्तीफा लिया जाए.

3. केंद्र सरकार से लिखित में यह आश्वसन मिले कि डॉक्टरों के लिए सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाएगा.

4. मृतक डॉक्टर के नाम पर किसी मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग या लाइब्रेरी का नाम किया जाए.

5. डॉक्टर के परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए.

6. शारीरिक हमले के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करे.

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सेमिनार हॉल में मिली थी लाश

दरअसल, 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था. इसके बाद से ही डॉक्टर मामले में पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर के साथ 8 अगस्त की रात कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी हत्या कर दी गई. अधिकारियों ने चेस्ट मेडिसिन विभाग के सेमिनार हॉल में द्वितीय वर्ष की छात्रा का अर्धनग्न शव बरामद किया था, जिस पर कई चोटों के निशान थे.

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ यह खुलासा

हाल ही में इस मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जिसे पुलिस ने पीड़िता के परिवार को सौंपा है. इस रिपोर्ट में हत्या से पहले की प्रकृति और सेक्सुअल पेनेट्रेशन की बात की कही गई है. बताया गया है कि पीड़िता की हत्या गला घोंटकर हुई थी. उससे पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था. आरोपी ने दो बार उसका गला घोंटा था. उसकी मौत सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई थी.

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शराब पीकर अश्लील फिल्में देखने का आदी

आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है. वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी संजय रॉय शराब पीते हुए अश्लील फिल्में देखने का आदी था. वारदात वाली रात वो अस्पताल के अंदर कई बार आया गया. आरोपी से पूछताछ, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई सनसनीखेज बातें सामने आई हैं. पुलिस पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस पूरे मामले की टाइमलाइन सामने आई है.

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IMA ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखा पत्र

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है. IMA ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए. साथ ही, एसोसिएशन ने उन परिस्थितियों की विस्तृत जांच की मांग की है, जिनके कारण ऐसा अपराध हुआ. IMA ने तत्काल सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह अनुरोध किया कि कार्यस्थल पर डॉक्टरों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएं.

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