scorecardresearch
 

गैस संकट के बीच होटल-रेस्टोरेंट्स को राहत, कमर्शियल LPG का आवंटन 30 से बढ़कर 50% हुआ

यह बढ़ोतरी 23 मार्च 2026 से लागू होगी. रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर को अतिरिक्त 20% आपूर्ति प्राथमिकता से दी जाएगी.

Advertisement
X
केंद्र सरकार ने गैस संकट के बीच कमर्शियल एलपीजी का आवंटन30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया. (File Photo: PTI)
केंद्र सरकार ने गैस संकट के बीच कमर्शियल एलपीजी का आवंटन30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया. (File Photo: PTI)

केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इसका आवंटन 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, यह निर्णय 23 मार्च 2026 से लागू होगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है.

पत्र में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी आवंटित किया जा रहा है, जिससे कुल आपूर्ति प्री-क्राइसिस लेवल के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त एलपीजी उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जहां इसकी मांग और आवश्यकता अधिक है. इनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: Ground Report: दिहाड़ी 300, गैस 400 रुपये KG... LPG संकट ने छीना निवाला, सूरत से पलायन करने वाले मजदूरों का दर्द

इसके अलावा, राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन और आउटलेट्स, कम्युनिटी किचन, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर (FTL) भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल हैं. सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एलपीजी के वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी या डायवर्जन न हो, इसके लिए सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है और कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग बढ़ी है.

Advertisement

केंद्र सरकार के इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद है, जो एलपीजी शॉर्टेज का सामना कर रहे हैं. साथ ही आम लोगों के लिए भी जरूरी सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी. सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण ईंधन आपूर्ति बाधित हुई है. इसके बावजूद घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी प्राथमिकता दी गई है. एलपीजी की मांग को संतुलित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. रिफाइनरियों में 38% उत्पादन बढ़ाया गया है, शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग गैप 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement