पश्चिम बंगाल की नई विधानसभा के पहले दिन भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच एक अहम निर्णय लिया गया. रथींद्र बोस को सर्वसम्मति से पश्चिम बंगाल विधानसभा का अध्यक्ष (स्पीकर) चुन लिया गया है. उनके नाम पर किसी भी दल ने आपत्ति नहीं जताई और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया.
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले सदन के भीतर जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला. कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई. TMC के विधायकों ने एक विवादित नारा देते हुए पूछा, 'बंगाल के मुख्य सचिव द्वारा वोट किसने लूटे?'
इस नारे के जवाब में BJP के विधायक भी आक्रामक हो गए. बीजेपी विधायकों ने सदन के अंदर ही जोर-जोर से 'चोर, चोर, चोर' के नारे लगाना शुरू कर दिया. हालात तब और बिगड़ गए जब विपक्ष की ओर से 'फाइल चोर' के नारे भी लगाए जाने लगे.
शुभेंदु अधिकारी की नसीहत
हंगामे के बीच विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सदन की मर्यादा को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने आगे कहा, 'मुझे उम्मीद है कि ये विधानसभा राज्य के विकास में एक अहम भूमिका निभाएगी. हमें इस सदन के भीतर संसदीय लोकतंत्र की महान विरासत का पालन करना चाहिए और उसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए.'