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'हम कभी एक राष्ट्र थे', PAK पर बोले RSS नेता होसबाले- बंद नहीं होनी चाहिए बातचीत

RSS नेता दत्तात्रेय होसबाले ने भारत-पाक रिश्तों, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनावों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों से लोगों का संपर्क ही रिश्तों को सामान्य बनाने का सबसे बड़ा रास्ता है. दोनों देशों के बीच गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है.

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दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि भारत-पाक रिश्तों में लोगों का संपर्क बड़ी उम्मीद है. (File Photo: PTI)
दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि भारत-पाक रिश्तों में लोगों का संपर्क बड़ी उम्मीद है. (File Photo: PTI)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों, वेस्ट एशिया संकट और वैश्विक तनावों को लेकर कई अहम बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सैन्य स्तर पर भरोसा लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन लोगों के बीच रिश्ते ही तनाव कम करने का बड़ा रास्ता बन सकते हैं.

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी मौजूद है. इसी वजह से संवाद के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यही एकमात्र उम्मीद है, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अंततः नागरिक समाज के आपसी संबंध ही काम करेंगे. हमारे बीच सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है. हम कभी एक ही राष्ट्र थे."

RSS नेता ने कहा कि अब इस दिशा में ज्यादा प्रयास किए जाने चाहिए. शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सामाजिक नेताओं को आगे आकर दोनों देशों के बीच बातचीत में भूमिका निभानी चाहिए. भारत में पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर भरोसा खत्म है. उन्होंने 26/11 मुंबई हमले, पुलवामा और पहलगाम हमलों का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि भारत ने कूटनीतिक स्तर पर हर संभव कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान लगातार छोटी-मोटी हरकतों से तनाव बढ़ाता रहा. किसी भी देश की सुरक्षा और आत्म-सम्मान की रक्षा जरूरी है और मौजूदा सरकार को इसका पूरा ध्यान रखना चाहिए. लेकिन साथ ही बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए. इसे भविष्य में जारी रखना चाहिए.

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होसबाले ने कहा कि व्यापार, वीजा और दूसरे नागरिक संपर्कों को पूरी तरह रोकना समाधान नहीं हो सकता. हमेशा एक खिड़ " खुली रहनी चाहिए. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध अब तक बनाए रखे गए हैं. वेस्ट एशिया संकट पर उन्होंने कहा कि यह किसी सभ्यता को खत्म करने की लड़ाई नहीं, बल्कि तेल और संसाधनों से जुड़ा संघर्ष है.

उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया के इतिहास में युद्ध, संघर्ष और टकराव हमेशा होते रहे हैं. युद्ध आमतौर पर इंसान के मन से शुरू होते हैं." जब कोई देश लालच, अहंकार या कब्जे की मानसिकता से काम करता है, तब युद्ध की स्थिति पैदा होती है. उन्होंने कहा, "हो सकता है कि यह युद्ध तेल के लिए हो, लेकिन भविष्य में पानी के लिए भी युद्ध हो सकते हैं."

RSS महासचिव ने कहा कि युद्ध भले पूरी मानवता को खत्म न करें, लेकिन वे इंसानी जिंदगी को पूरी तरह बदल देते हैं. उन्होंने अपने स्कूल के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी किताब में एक पाठ था- "War is a Wicked Thing." उन्होंने कहा कि युद्ध दरअसल एक बुरी मानसिकता का नतीजा होते हैं. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.

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