लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है. बिलों पर शाम 4 बजे वोटिंग होगी. इससे पहले सदन में जारी हंगामेदार चर्चा के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा.
'यह बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा'
राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा. यह शेमफुल कानून है. उन्होंने कहा कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है.’
'ओबीसी-दलित के लिए क्रूरता वाला बिल'
उन्होंने कहा, 'भारत के इतिहास में यह सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है.' राहुल गांधी ने कहा-'केंद्र ओबीसी वर्गो के भाई बहनों से अधिकार छीनना चाहती है.
'संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं'
वे संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं. शाह कहते हैं जातीय जनगणना शुरु हो गई है फिर कहते हैं मकानों की जाति नहीं होती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.'
'आप चुनावी नक्शा बदलना चाहते हैं'
उन्होंने कहा कि ‘देश का राजनीति का माहौल देखकर आप डरते हैं कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है. आपकी पॉवर कम होती जा रही है. इसलिए आप चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हैं, जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे. पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा. हम ओबीसी का हक छीनने नहीं देंगे. आप उन्हें हिंदू बताते हो लेकिन उन्हें देश में उनका हक नहीं दिलाते. सच्चाई अच्छी नहीं लगती आपको.’
पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे
राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं सदन में कहूंगा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है. यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है. यह शेमफुल कानून है. पूरा विपक्ष कह रहा है कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे, लेकिन इस वाले को नहीं. यह असली सच है जो में बता रहा हूं. भारत के इतिहास में सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है.’