संसद में राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर हंगामा बरपा है. संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही राहुल गांधी के लंदन वाले बयान और अडानी मुद्दे की जांच जेपीसी से कराने की मांग को लेकर हंगामे के कारण नहीं चल पा रही है. आज संसद के चालू बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही का आठवां दिन है और आठवें दिन भी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर दो और फिर शाम छह बजे तक स्थगित करनी पड़ी.
लोकसभा में शाम छह बजे अनुदान मांगों से संबंधित प्रस्ताव पेश किए जाने हैं. इस बीच खबर है कि राहुल गांधी भी शाम छह बजे लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए संसद भवन जा सकते हैं. ऐसे कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि सजा सुनाए जाने के बाद दिल्ली लौट रहे राहुल गांधी को रिसीव करने के लिए कांग्रेस के सभी सांसद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे हैं.
राहुल गांधी को आज ही सूरत की कोर्ट ने 2019 के एक मामले में दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है. हालांकि, कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी जिसके बाद वे सूरत से दिल्ली लौट रहे हैं. राहुल गांधी के दिल्ली लौटने के बाद संसद की कार्यवाही में शामिल होने के लिए लोकसभा पहुंचने की संभावना है.
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने लंदन वाले बयान को लेकर अपनी बात रखने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से बोलने का वक्त मांगा था. स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी की मांग नियमों के मुताबिक नहीं होने का हवाला देते हुए ठुकरा दी थी. इसके बाद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नियम 357 के तहत एक और पत्र लिखा और संसद में बोलने का वक्त मांगा.
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी का दूसरा पत्र स्वीकार कर लिया था. राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से बोलने का वक्त मांगने के बाद साफ कहा था कि सरकार के चार-चार मंत्रियों ने मेरे खिलाफ संसद में आरोप लगाए हैं. इन सभी आरोप के जवाब भी मैं संसद में ही दूंगा. राहुल गांधी ने तब ये भी जोड़ा था कि मुझे नहीं लगता कि संसद में बोलने दिया जाएगा.
लोकसभा में राहुल गांधी माफी मांगो के नारे का जवाब कांग्रेस के सांसद भी लगातार राहुलजी को बोलने दो के नारे लगा रहे हैं. अब, जबकि राहुल गांधी को आज ही लोकसभा चुनाव के दौरान सारे मोदी चोर हैं वाले बयान के मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है. राहुल गांधी लंदन वाले बयान को लेकर अपना पक्ष रखने के साथ ही अपनी सजा को लेकर भी सरकार पर हमला बोल सकते हैं.