प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद राजनीति गरम है. AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. जावेद पर प्रयागराज में भड़की हिंसा की पटकथा लिखने का आरोप है. लेकिन सुर्खियों में है- उनकी बेटी आफरीन फातिमा. वजह है आफरीन के भड़काऊ बयान. आफरीन की देश की सबसे बड़ी अदालत और देश के दोषी अफजल गुरू समेत अन्य मसलों पर विवादित टिप्पणी वायरल हो रही है.
फरीन फातिमा के पुराने भाषण ही उनके लिए सिरदर्द बन गए हैं. जानिए इस रिपोर्ट के जरिए फातिमा के विवादित बयानों के बारे में...
क्या है आफरीन फातिमा की कंट्रोवर्सी कथा?
आफरीन एक वीडियो में कह रही हैं- 'जब हम बात करते हैं कि राज्य टारगेट कर रहा है मुसलमानों को, राज्य ही उत्पीड़न कर रहा है, मुसलमानों के साथ भेदभाव कर रहा है, तो सवाल बनता है कि राज्य कैसे कर पा रहा है, क्यों कर पा रहा है, राज्य को ताकत कौन दे रहा है, मुसलमानों के खिलाफ क्रूर होने की.'
आरएसएस को लेकर फातिमा...
'आरएसएस ने जब पहले हिंदू को कट्टर किया था, उस इंसान की जिम्मेदारी थी कि आरएसएस के उस नेता को थप्पड़ लगाकर बोलती कि हम इस राजनीति में यकीन नहीं रखते.'
आफरीन का अफजल गुरु को समर्थन...
'आज हम उतरे हैं एनआरसी, सीएए की वजह से उतरे हैं, एनआरसी और सीएए के बाद हम महसूस करते हैं कि कोई भरोसा नहीं है किसी चीज पर, हम सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते हैं, ना हम सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा कर सकते हैं, ये वही सुप्रीम कोर्ट है जिसने अफसर गुरू को फांसी पर चढ़ाया था, ये वही सुप्रीम कोर्ट हैं, जो आज पता चलता है कि अफजल गुरू का संसद हमले पर कोई हाथ नहीं था, ये वही सुप्रीम कोर्ट है जो पहले बोलती है कि बाबरी मस्जिद के नीचे कोई मंदिर नहीं था, ताला तोड़ना गलत था, मस्जिद गिरना गलत था, और फिर बोलती है कि यहां मंदिर बनेगा, हमको सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद नहीं है.'
बता दें कि आफरीन का ये वीडियो CAA प्रोटेस्ट के दौरान का है. जब मंच पर आफरीन खुलेआम संसद हमले के दोषी अफजल का निर्दोष बताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले को कठघरे में खड़ा कर रही थीं. आज इंसाफ की मांग करने वाली आफरीन उस वक्त अदालत का मखौल उड़ा रही थीं.
JNU में बोलने की आजादी नहीं, छात्रों को भड़काया
जेएनयू के संबंध में आफरीन कहती है- हमें बोलने की आजादी नहीं है. अपने भाषणों में कई बार आफरीन लक्ष्मण रेखा को लांघ जाती हैं. एक वीडियो में तो वो मुस्लिम छात्रों के दिमाग में नफरती जहर घोलती नजर आई. छात्रों से कहती हैं- 'आप कैंपस पर आंसू गैस के गोले दागते हैं. किसी कैंपस में आंसू के गोले, रबल बुलेट इस्तेमाल होते हैं बताईये.'
नहीं झुकेगा मुसलमान
'70 साल से हम देखते आ रहे हैं, सब हमारे नाम पर राजनीति करते हैं, लेफ्ट राइट सेंटर सब, लेकिन कुछ होता नहीं. शाहीन बाग ने उदाहरण दे दिया है कि हम अपनी बात खुद कर सकते हैं, हम काबिल हैं, हम अपनी बात खुद कर सकें.'
दरअसल, आफरीन फातिमा JNU की स्टूटेंट हैं और अपनी विवादित बोल की वजह से कई बार सुर्खियों में रह चुकी हैं.
भले ही फातिमा देश की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी में पढ़ती हों लेकिन उनकी सोच बहुत संकुचित नजर आती
है, क्योंकि आफरीन के विवादित टेप में सिर्फ और सिर्फ एक नैरेटिव होता है.
आफरीन ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ आर्ट और मास्टर ऑफ आर्ट की पढ़ाई की और इस वक्त जेएनयू स्कॉलर हैं. शाहीनबाग से लेकर प्रयागराज तक, CAA-NRC प्रोटेस्ट के दौरान वो खूब एक्टिव रहीं. ऐसे में बुलडोजर वाले एक्शन के बाद जेएनयू में भी प्रदर्शन हुआ. हालांकि आफरीन फातिमा अपने सभी विवादित बयानों को गलत नहीं मानती हैं, वो इसे अपने हक की आवाज उठाने से जोड़कर देखती हैं.
सवाल सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है, सोशल मीडिया पर अकाउंट के बायो में आफरीन फातिमा ने देश का नाम-
हिंदुस्तान या इंडिया लिखने की बजाय अंग्रेजी अक्षरों में लिंचिस्तान लिख रखा है. हालांकि उसके ट्वीटर हैंडल को ट्विटर से वेरिफाइड नहीं किया गया है लेकिन उसके तमाम वीडियो इस पर मौजूद हैं.
ओवैसी भी आफरीन के बहाने योगी पर हमलावर
इधर, हिंसा की घटनाओं के बाद ओवैसी खुद को मुसलमानों का मसीहा बताने की कोशिश में लगे हैं. वे यह बता रहे हैं कि मुसलमानों के मुद्दे सिर्फ और सिर्फ वही उठा रहे हैं, चाहे वो नूपुर शर्मा का केस हो, या फिर मुसलमानों के घरों पर चलने वाला बुलडोजर. ओवैसी कहीं ना कहीं यही कहने की कोशिश कर रहे हैं कि आज के दौर में उनसे बड़ा मुसलमानों का रहनुमा कोई नहीं है.
योगी पर सुपर चीफ जस्टिस का तंज...
हाल ही में ओवैसी ने कहा कि प्रयागराज में लोगों ने प्रोटेस्ट किया तो आपने आफरीन फातिमा के घर को तोड़ दिया. 15 दिन से नूपुर शर्मा का कुछ नहीं हुआ, और लोगों के घर को तोड़ दिया. ओवैसी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर सुपर चीफ जस्टिस होने का तंज भी कसा है. साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान रांची में चली गोली को मुसलमानों के खिलाफ कलेक्टिव पनिशमेंट बता रहे हैं.
टेनी का घर क्यों नहीं टूटेगा...
एक दिन पहले ओवैसी ने कहा कि योगी यूपी के सुपर चीफ जस्टिस हो गए थे. आफरीन की मां के नाम था घर. टैनी (गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा) का घर क्यों नहीं तोड़ा, ये खुली नफरत की मिसाल है मुसलमानों के खिलाफ, ये कलेक्टिव पनिशमेंट भारत के मुसलमानों को दे रहे हैं बीजेपी वाले. झारखंड में गोली चला दी, दो मुसलमानों की हत्या कर दी. ओवैसी ने कहा कि अगर आफरीन फातिमा के बाप ने किया तो उस पर केस जलाओ, अजय मिश्रा टेनी का घर नहीं टूटेगा.
तो अदालतों पर ताले लगा दो...
बता दें कि 10 जून को यूपी में हुई हिंसा पर सरकार ने एक्शन लिया और अब तक 337 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा 92 लोगों की गिरफ्तारी प्रयागराज से ही हुई है. आरोपी जावेद पंप के घर पर बुलडोजर चला दिया गया है. ऐसे में ओवैसी पीएम मोदी से कह रहे हैं कि देश के संविधान को कमजोर किया जा रहा है. अदालतों पर ताले लगा दो. जजों को कह दो कि अदालत ना आएं. ओवैसी ने कहा कि हम देश के पीएम से अपील कर रहे हैं- ये बुलडोजर जो आप एक समुदाय के लोगों के खिलाफ चला रहे हैं तो संविधान पर चला रहे हैं, अदालतों को ताले लगा दो.
विवाद की वजह...
इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा लगातार ट्रेंड कर रही हैं. हिंदूवादी संगठन नूपुर शर्मा के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं तो पैगंबर मुहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर मुसलमान नूपुर शर्मा का तगड़ा विरोध कर रहे हैं. ऐसे में नूपुर शर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है. मुंबई पुलिस ने नूपुर शर्मा को 25 जून को पेश होने के लिए कहा है तो कोलकाता पुलिस ने भी नूपुर शर्मा को 20 जून को तलब किया है. हालांकि 'इंडियन मुस्लिम्स फॉर सेकुलर डेमोक्रेसी' ने नूपुर शर्मा को मिली कथित धमकियों की निंदा की है.
(आजतक ब्यूरो)