प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों की अहम विदेश यात्रा पर निकलने जा रहे हैं. इस दौरे का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE होगा. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह भारत से रवाना होंगे और स्थानीय समय के मुताबिक करीब 11 बजे अबू धाबी पहुंचेंगे. वहां वह UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. यह दौरा भले ही कुछ घंटों का होगा, लेकिन इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, तकनीक, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध मजबूत करने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान कुछ अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
भारत के लिए UAE खाड़ी क्षेत्र का सबसे अहम रणनीतिक साझेदार माना जाता है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले साल भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा UAE से आया था. इसके अलावा एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस सप्लाई में भी UAE भारत का बड़ा साझेदार है.
भारतीय कंपनियों ने ADNOC गैस के साथ लंबे समय के लिए गैस सप्लाई समझौते किए हैं. इंडियन ऑयल, गेल और HPCL जैसी कंपनियां UAE से गैस खरीदने के लिए कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट कर चुकी हैं.
भारत की LPG जरूरतों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा भी UAE से आता है. इसके अलावा भारत की पेट्रोलियम और लुब्रिकेंट्स एक्सपोर्ट के लिए UAE दूसरा सबसे बड़ा बाजार है.
ऊर्जा क्षेत्र में भारत का निवेश भी लगातार बढ़ रहा है. भारतीय कंपनियों ने UAE के अपस्ट्रीम ऑयल सेक्टर में 1.2 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश किया है. जनवरी 2026 में BPRL ने अबू धाबी के एक ब्लॉक में तेल खोज की भी घोषणा की थी.
यह भी पढ़ें: PM मोदी की अपील के बीच CM भगवंत मान के विशाल काफिले ने खींचा सबका ध्यान, बटाला के धार्मिक समागम में पहुंचे
UAE भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व कार्यक्रम में भागीदारी करने वाला पहला देश भी है. 2018 के समझौते के तहत ADNOC भारत के मंगलौर स्थित भंडारण केंद्र में लाखों बैरल कच्चा तेल स्टोर करता है.
दोनों देशों के बीच रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग भी तेजी से बढ़ रहा है. अक्टूबर 2024 में MASDAR ने राजस्थान सरकार के साथ 60 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने का समझौता किया था. दोनों देश बिजली ग्रिड कनेक्शन की संभावना पर भी काम कर रहे हैं.
2022 में CEPA समझौते के बाद भारत और UAE के बीच व्यापार में तेजी आई है. पिछले चार साल में दोनों देशों का व्यापार दोगुने से ज्यादा बढ़ चुका है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी का यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि UAE दौरा प्रधानमंत्री की पूरी पांच देशों की यात्रा की दिशा तय करेगा.
प्रधानमंत्री मोदी यूएई के बाद नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे. प्रधानमंत्री का दौरा 15 मई से 20 मई तक चलेगा. यानि छह दिनों के लिए प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर होंगे.