बीजेपी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है. चार राज्यों में से तीन में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को बड़ी सीख दी. पीएम मोदी ने चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने नकारात्मकता को नकारा है. पीएम ने कहा, विपक्ष के साथियों को चुनाव नतीजों से सीखना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं अपने अनुभव के आधार पर कहता हूं अपना थोड़ा सा रुख बदलिए. विरोध का तरीका छोड़िए. देशहित में सकारात्मक चीजों का साथ दीजिए. उसमें कमियां हों तो चर्चा कीजिए. देश के मन में नफरत पैदा हो रही है, हो सकता है वो मोहब्बत में बदल जाए.
पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, कल ही चार राज्यों के चुनाव नतीजे आए हैं. बहुत ही उत्साहवर्धक परिणाम हैं. देश ने नकारात्मकता को नकारा है. उन्होंने कहा, अगर मैं चुनाव नतीजों के आधार पर कहूं तो विपक्ष में बैठे साथी हैं, उनके लिए ये सुनहरा मौका है. इस सत्र में हार का गुस्सा निकालने की योजना बनाने के बजाय, पराजय से सीखकर के पिछले 9 साल से चलाई गई नकारात्मक की प्रवृत्ति छोड़कर सकारात्मक के साथ सत्र में आगे बढ़ेंगे, तो देश उनकी तरफ देखने का दृष्टिकोण बदलेगा. उनके लिए नया अध्याय खुल सकता है.
पीएम ने कहा, आइए सकारात्मक विचार लेकर आईए, हम अगर 10 कदम चलते हैं, तो आप 12 कदम चलकर आगे बढ़िए. बाहर का गुस्सा सदन में न उतारना. हताशा, निराशा होगी. आपके साथियों को दम दिखाने के लिए कुछ न कुछ करना होगा. लेकिन लोकतंत्र के मंदिर को वो मंच मत बनाइए.
मोदी ने कहा, ये मौका है, इसे जाने न दीजिए. मैं प्रार्थना करता रहा हूं, कि सदन में सहयोग दीजिए. आज मैं राजनीतिक दृष्टिकोण से कहना चाहता हूं कि आपका भला भी इसमें है, कि आप देश के सकारात्मकता का संदेश दें, आपकी छवि नकारात्मक या नफरत की बने वो भी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.
पीएम मोदी ने कहा, ठंड धीरी गति से आ रही है. लेकिन राजनीतिक गर्मी बहुत तेजी से बढ़ रही है. ये नतीजे उनके लिए उत्साहवर्धक हैं, जो सामान्य मानवीय, देश के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित हैं. विशेषकर सभी समाजों की, सभी समूह की, सभी शहर और गांव की महिलाएं, युवा और किसान और देश के गरीब चार महत्वपूर्ण जातियां हैं, जिनका सशक्तिकरण सुनिश्चित करने वाली योजनाएं, इन विषयों को लेकर जो चलते हैं उन्हें भरपूर समर्थन मिलता है. जब अच्छी सरकार चलती है, जनहित के लिए समर्पण होता है. तो एंटी इंकंबेंसी शब्द प्रभाव नहीं डालता.