मिडल ईस्ट में गहराते युद्ध से वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक सरकार का फोकस देश में LPG और PNG की उपलब्धता बढ़ाने और खाद की सप्लाई सुनिश्चित करने पर है.
इसके अलावा पिछली बैठक के फैसलों की समीक्षा के साथ भविष्य की रणनीति पर भी मंथन जारी है, ताकि यह आंका जा सके कि अब तक क्या प्रगति हुई है और किन क्षेत्रों में और सुधार की जरूरत है.
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में देश में PNG की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा गया है. इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने को लेकर भी अहम चर्चा हुई है, ताकि आम जनता को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े.
इसके अलावा, कृषि क्षेत्र के लिए जरूरी खाद (फर्टिलाइजर) की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई है. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद किसानों को खाद की कमी न हो. बताया जा रहा है कि सरकार आने वाले समय के लिए भी रणनीति तैयार कर रही है, ताकि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत पर इसका असर कम से कम पड़े.