पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की किताब ‘Four Stars Of Destiny’ पर विवाद थम नहीं रहा है. अब इस मामले में प्रकाशक Penguin India की टीम से दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पूछताछ की है. स्पेशल सेल ने नोटिस देकर पेंग्विन इंडिया से कुछ सवालों के जवाब मांगे थे और पूछताछ के लिए बुलाया था.
Penguin India की टीम से स्पेशल सेल ने 15 सवालों के जवाब मांगे हैं. इनमें से कुछ के जवाब पेंग्विन इंडिया की टीम ने दिए. कुछ सवालों के जवाब देने के लिए टीम ने पुलिस से वक्त मांगा है. अब पेंग्विन इंडिया के दिए जवाबों का स्पेशल सेल की टीम विश्लेषण करेगी.
इधर, नरवणे की किताब लीक का मामला गंभीर साजिश की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य क्लीयरेंस के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया.
इन देशों में बिकी किताब
किताब का सर्कुलेशन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में हुआ. इन देशों में यह किताब ऑनलाइन सबसे पहले बिक्री के लिए उपलब्ध हुई. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ाया गया है.
जांच में यह भी सामने आया कि लीक हुई कॉपी सबसे पहले .io डोमेन एक्सटेंशन पर अपलोड की गई थी, जो ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी से जुड़ा कंट्री कोड डोमेन है. इसके बाद यह कई अन्य होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर फैल गई.
किताब के ISBN नंबर की जांच
स्पेशल सेल अब किताब के ISBN नंबर की भी जांच कर रही है. ISBN यानी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर, 13 अंकों का एक यूनिक डिजिटल कोड होता है जो किसी भी किताब की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है. लीक वर्जन में जो ISBN नंबर मिला है, वह ‘Four Stars Of Destiny’ नाम से प्रकाशित एमएम नरवणे की किताब का ही बताया जा रहा है. इस कोड को लेकर Penguin India से भी पूछताछ की गई.
आज तक की पड़ताल में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में ऑनलाइन बिक्री कर रही वेबसाइटों पर जो ISBN कोड मिला, वह भी Penguin India की ओर से जारी इसी किताब से जुड़ा पाया गया.