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LPG सप्लाई को लेकर न फैलें अफवाहें, केंद्र ने राज्यों से कहा- रोज जनता को दें सही जानकारी

एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर सही जानकारी साझा करें. सरकार का कहना है कि अफवाहों के कारण लोगों में चिंता बढ़ी है और कई जगह पैनिक बाइंग व जमाखोरी देखी गई है. इसका उद्देश्य लोगों को भरोसा दिलाना है कि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है.

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अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं, केंद्र ने राज्यों को दिए सख्त निर्देश (Photo: File/ITG)
अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं, केंद्र ने राज्यों को दिए सख्त निर्देश (Photo: File/ITG)

आजकल सोशल मीडिया पर किसी भी बात का बतंगड़ बनाना बहुत आसान हो गया है. हाल ही में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) को लेकर कुछ ऐसी ही अफवाहें उड़ने लगीं, जिससे आम लोग परेशान हो गए. कहीं कहा गया कि गैस की किल्लत होने वाली है, तो कहीं कीमतों को लेकर गलत बातें फैलाई गईं. नतीजा यह हुआ कि लोग डर के मारे एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक करने लगे और दुकानों पर भीड़ बढ़ गई. इसे देखते हुए अब केंद्र सरकार ने कमर कस ली है और साफ कर दिया है कि अफवाह फैलाने वालों की अब खैर नहीं.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर सख्त निर्देश दिए हैं. मंत्रालय का साफ कहना है कि जब देश में गैस का पूरा स्टॉक मौजूद है, तो जनता के बीच यह बेचैनी क्यों है? प्रशासन के बड़े अधिकारियों को साफ कहा गया है कि वे चुप न बैठें, बल्कि हर दिन खुद सामने आएं और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं.

असल में होता यह है कि जब समय पर सही बात सामने नहीं आती, तो लोग व्हाट्सएप और फेसबुक पर चल रही झूठी खबरों को सच मान लेते हैं. इसी चक्कर में कई जगह जमाखोरी और ब्लैक में सिलेंडर बेचने के मामले भी सामने आने लगे हैं. इसलिए अब यह जरूरी है कि जनता को रेगुलर अपडेट दिया जाए ताकि वे इन अफवाहों के जाल में न फंसें.

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नियमित होगी प्रेस ब्रीफिंग और जनता को मिलेगा सही अपडेट

सरकार ने डेटा चेक किया तो पता चला कि अभी सिर्फ 17 राज्य ही ऐसे हैं जो समय-समय पर जनता को जानकारी दे रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे कुछ बड़े राज्य शामिल हैं. लेकिन केंद्र चाहता है कि हर राज्य का प्रशासन एक्टिव हो. अब आदेश यह है कि राज्यों के बड़े अधिकारी रोज मीडिया के सामने आएंगे और बताएंगे कि उनके राज्य में कितना स्टॉक है और सप्लाई कैसी चल रही है. इससे फायदा यह होगा कि अगर कोई पड़ोसी आपसे आकर कहता है कि 'गैस खत्म होने वाली है,' तो आपके पास विभाग का पुख्ता भरोसा होगा कि 'नहीं, सब कुछ ठीक है और घबराने की कोई बात नहीं है.'

इस पूरी सख्ती का एक बड़ा मकसद कालाबाजारी को रोकना भी है. जब लोगों में डर बैठ जाता है, तो कुछ लालची दुकानदार सिलेंडरों को छिपा लेते हैं ताकि बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेच सकें. सरकार ने राज्यों से साफ कह दिया है कि ऐसे लोगों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए जो इस स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं. मंत्रालय का मानना है कि अगर हम जनता से सीधे और साफ तरीके से बात करेंगे, तो कोई भी अफवाह टिक नहीं पाएगी.

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कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि सिलेंडर को लेकर घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आपके घर की रसोई में आंच जलती रहेगी क्योंकि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरकार बस इतना चाहती है कि आप किसी भी अनजानी खबर पर यकीन करने से पहले सरकारी जानकारी पर भरोसा करें. अब से आपको टीवी और अखबारों के जरिए हर दिन का अपडेट मिलता रहेगा, ताकि आप चैन की नींद सो सकें और अफवाहों के जाल में न फंसें. मामला अब पूरी तरह से कंट्रोल में रखने की तैयारी है.

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