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बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एक्टिव, ओडिशा में 6 दिन बारिश का अलर्ट, क्या जल्दी दस्तक देगा मॉनसून?

Monsoon 2026: IMD ने दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की जानकारी दी है. मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि अगले तीन दिनों में यह सिस्टम (लो प्रेशर) डिप्रेशन का रूप ले सकता है. इसके असर से ओडिशा में अगले 6 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

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मॉनसून की समय से पहले दस्तक के लिए अनुकूल हो सकती हैं परिस्थितियां  (Photo: X/@shetty_athreya)
मॉनसून की समय से पहले दस्तक के लिए अनुकूल हो सकती हैं परिस्थितियां (Photo: X/@shetty_athreya)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर श्रीलंका तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बन गया है. जो अगले 48 घंटों में और मजबूत होगा, जिससे ओडिशा में अगले 6 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

IMD के मुताबिक, यह कम दबाव का क्षेत्र मन्नार की खाड़ी और आसपास के श्रीलंका इलाके में ऊपरी हवा के चक्रवाती घुमाव के प्रभाव से बना है. सोमवार को सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम बन चुका था. इसका चक्रवाती घुमाव समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि अगले दो दिनों में यह और अधिक एक्टिव हो जाएगा.

इस सिस्टम के असर से ओडिशा के कई इलाकों में अगले 6 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होगी. अगले 4 दिनों तक कई जिलों में गरज, चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है.IMD के भुवनेश्वर केंद्र के अनुसार, 21 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना है. मौसम विभाग ने मयूरभंज जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट (तैयार रहें, जरूरी कदम उठाएं) जारी किया है. बाकी 20 जिलों में येलो अलर्ट (सावधान रहें) जारी है.

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मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज और बिजली के समय खुले में न निकलें, खासकर खेतों और ऊंची जगहों पर सावधानी बरतें. मछुआरों को भी समुद्र में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है. यह बारिश किसानों और कृषि फसलों के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन भारी जलभराव और बिजली गिरने से नुकसान भी हो सकता है.

इस बार अलग तरीके से बना मौसम सिस्टम
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, आमतौर पर प्री-मॉनसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान दक्षिण या उत्तर अंडमान सागर से बनते हैं और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मजबूत होते हैं. लेकिन इस बार मौसम सिस्टम (निम्न दबाव) का बनना सामान्य प्रक्रिया से अलग है. यह निम्न दबाव सीधे उसी क्षेत्र में बना है और श्रीलंका तथा तमिलनाडु के भूभाग के काफी करीब स्थित है.

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ये परिस्थितियां दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मॉनसून की समय से पहले दस्तक के लिए अनुकूल साबित हो सकती हैं.
 

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