पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.साथ ही कोर्ट ने टीएमसी सांसद शांतनु सेन द्वारा सुकांत मजूमदार के खिलाफ दायर मानहानि के मामले पर रोक लगा दी है.
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शांतनु सेन की बेटी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को पास किए बिना एमएमबीएस में एडमिशन लिया.टीएमसी नेता ने इस तरह के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि राजनीतिक रूप से लड़ने में असमर्थ, भगवा पार्टी सत्ताधारी दल के नेताओं पर निजी हमले कर रही है.
TMC नेता ने दिखाया सर्टिफिकेट
तृणमूल कांग्रेस के ऑफिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांतनु सेन ने अपनी बेटी सौमिली सेन के NEET के सर्टिफिकेट की एक कॉपी साझा की थी. इस दौरान सेन ने कहा था कि उनकी बेटी ने हमेशा अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अपने पहले प्रयास में ही NEET भी पास किया.
ट्वीट से खड़ा हुआ विवाद
इससे पहले, भाजपा नेता मजूमदार ने ट्वीट किया था, 'राज्यसभा सांसद डॉ. शांतनु सेन की बेटी सौमिली सेन ने 2020 में NEET क्लियर किए बिना ही MBBS में प्रवेश ले लिया था.
अदालत तक पहुंचा मामला
भाजपा नेता के इस ट्वीट से टीएमसी और बीजेपी के बीच बड़े पैमाने पर वाकयुद्ध शुरू हो गया, जिसके बाद अदालत में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले पर आज कलकत्ता हाई कोर्ट न्यायालय ने एक आदेश द्वारा कार्यवाही पर 6 सप्ताह तक रोक लगाने और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए आवेदन को स्वीकार करने का निर्देश दिया है.