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जानें, कौन हैं टूलकिट केस में गिरफ्तार दिशा रवि? हर तरफ से उठ रही रिहाई की मांग

दिशा रवि एक जलवायु कार्यकर्ता हैं. वो बेंगलुरू की रहने वाली हैं. रवि बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से बीबीए की डिग्री धारक हैं और वह 'फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया' नामक संगठन की संस्थापक सदस्य भी हैं. दिशा की गिरफ्तारी शनिवार को हुई थी.

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कौन हैं दिशा रवि? (फाइल फोटो)
कौन हैं दिशा रवि? (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी का हो रहा विरोध
  • कांग्रेस नेटा दिशा रवि की रिहाई की कर रहे मांग
  • पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजी गईं दिशा रवि

पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर काम करने वाली एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी का विरोध हो रहा है. ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में की गई दिशा की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए छात्र-छात्राओं ने दिशा को रिहा करने की मांग की है. दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट केस में गिरफ्तार किया है. नेताओं ने भी दिशा के पक्ष में आवाज उठाई है.

कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि राष्ट्र के लिए खतरा बन गई है, तो इसका मतलब है कि भारतीय राज्य बहुत ही कमजोर नींव पर खड़ा है.

चिदंबरम ने कहा कि इस देश में किसानों का समर्थन करने के लिए जारी किया गया एक टूलकिट चीनी सैनिकों के घुसपैठ से भी खतरनाक हो गया है. उन्होंने कहा कि भारत बचकानी और बकवास हरकतें कर रहा है और यह दुखद है कि दिल्ली पुलिस उत्पीड़कों का हथियार बन गई है.

वहीं अमेरिका में वकील और उप राष्‍ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने भी दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भारतीय अधिकारियों ने एक और युवती को गिरफ्तार किया है, दिशा रवि. क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक टूलकिट पोस्ट किया था. जिसमें बताया गया था कि किसानों के आंदोलन का समर्थन कैसे करें.  

कौन है दिशा रवि?

22 वर्षीय दिशा रवि एक जलवायु कार्यकर्ता हैं. वो बेंगलुरू की रहने वाली हैं. रवि बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से बीबीए की डिग्री धारक हैं और वह 'फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया' नामक संगठन की संस्थापक सदस्य भी हैं. दिशा की गिरफ्तारी शनिवार को हुई थी.

दिशा गुड वेगन मिल्क नाम की एक संस्था में काम करती हैं. इस संस्था का मुख्य उद्देश्य प्लांट बेस्ड फूड (वेजिटेरियन) को सस्ता और सुलभ बनाना है. ये लोग जानवरों पर आधारित कृषि को खत्म कर उन्हें भी जीने का अधिकार देना चाहते हैं. 

दिशा रवि क्लाइमेट चेंज के मसले से काफी पहले से जुड़ी हैं, जब वो बेंगलुरु के कॉलेज में पढ़ती थीं. फ्राइडेज फॉर फ्यूचर संस्था के भारत में स्वरूप का दिशा शुरुआत से ही हिस्सा रही हैं. मुंबई का आरे जंगल से जुड़ा मामला है, या फिर हाल ही वक्त में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया EIA 2020 हो. कई मौकों पर दिशा और उनकी संस्था ने विरोध प्रदर्शन किया है.

दिशा की फ्राइडे फॉर फ्यूचर संस्था के साथ करीब 100-150 एक्टिव मेंबर्स हैं, जो इस विषय पर बेंगलुरु में ही काम करते हैं. दिशा रवि लगातार कई कॉलम, आर्टिकल लिखती आई हैं जिसमें उन्होंने क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा है.

दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि पर किसानों के समर्थन में बनाई गई एक विवादित 'टूलकिट' को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाया है. ये वही टूलकिट है जो पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी.

पुलिस का आरोप है कि दिशा रवि ने भारत के खिलाफ वैमनस्य फैलाने के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर खालिस्तान-समर्थक समूह 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' के साथ सांठगांठ की. दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर दावा किया है कि ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट साझा करने वालों में से रवि भी एक थीं.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक वह टूलकिट का संपादन करने वालों में से एक हैं और दस्तावेज को बनाने एवं फैलाने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता हैं.

दिशा रवि ने बनाया था वॉट्सऐप ग्रुप

सूत्रों के मुताबिक रवि दिशा ने वॉट्सग्रुप ग्रुप बनाया हुआ था. इस ग्रुप में निकिता जैकब जुड़ी हुई थीं. निकिता दिल्ली पुलिस के रडार पर हैं. साइबर सेल ने पूछताछ के लिए निकिता से संपर्क भी किया है. निकिता भी एक्टिविस्ट बताई जाती हैं.

पुलिस के मुताबिक दिशा का मोबाइल डेटा डिलीट पाया गया है, जिसे रिट्रीव किया जाएगा. दिशा से जुड़ा एक और नाम है, शांतनु. ये भी दिल्ली पुलिस के रडार पर है.

पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में दिशा

दिल्ली की एक अदालत ने रविवार (14 फरवरी) को दिशा रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारियों के मुताबिक दिशा रवि की गिरफ्तारी की खबरें मीडिया में घंटों चलने के बाद दिशा रवि को अदालत में पेश किया गया लेकिन अदालत में दिशा रवि का कोई वकील मौजूद नहीं था. लिहाजा कोर्ट ने दिशा रवि की तरफ से दिल्ली लीगल एड सेल के वकील को आगे कर दिया.

अधिकारियों का दावा है कि ये सब विशेष रणनीति के तहत किया गया है. जिससे आरोपी को अदालत में फायदा मिले और अदालत आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दे. लेकिन अदालत में जब दिशा रवि के वकील की मौजूदगी नहीं थी तो अदालत ने खुद ही दिल्ली लीगल सेल के वकील को दिशा के लिए जिरह करने को कहा. सूत्रों के मुताबिक जैसे ही दिशा को अदालत ने रिमांड पर भेजा, उनके वकील साइबर सेल के द्वारका दफ्तर मिलने पहुंच गए.


 

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