कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका के मद्देनजर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. नोएडा, गाजियाबाद के साथ ही दिल्ली के पॉश इलाकों में बच्चों की सुविधाओं वाले कॉविड केयर सेंटर शुरू किए जा रहे हैं.
हालांकि अभी तक 18 साल से नीचे के नाबालिग बच्चों को कोविड सेंटर में रखे जाने से संबंधित कोई गाइडलाइन नहीं है. दिल्ली के पॉश मालवीय नगर की पीटीएस कॉलोनी में 50 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया गया है, जो हर तरह की सुविधाओं से लैस होगा.
ब्लैक फंगस के खिलाफ दिल्ली सरकार की तैयारी
वहीं ब्लैक फंगस बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर गुरुवार को दिल्ली के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ सीएम केजरीवाल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. सीएम ने कहा कि हमें इस बीमारी को बढ़ने से भी रोकना है और जिनको ये बीमारी हो रही है उन्हें जल्द से जल्द बेहतर इलाज देना है. इस बीमारी की रोकथाम और इलाज के लिए बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए-
1- ब्लैक फंगस के इलाज के लिए LNJP, GTB और राजीव गांधी अस्पताल में सेंटर बनाए जाएंगे
2- इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का पर्याप्त मात्रा में प्रबंध
3- बीमारी से बचाव के उपायों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल भी रहेगा
जानकारी के मुताबिक इसमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल भी खासतौर पर होगा. जो सेंटर में भर्ती माता-पिता के बच्चों से संबंधित समस्याओं का निदान करेगा. जिससे बच्चों में कोई संक्रमण न फैले. बच्चों के संक्रमित हो जाने की दशा में यह पैनल उनके इलाज में मदद करेगा.
साउथ दिल्ली नगर निगम साउथ जोन की अध्यक्ष और मालवीय नगर इलाके की पार्षद डॉ. नंदिनी शर्मा ने बताया "यहां पर आकाश हॉस्पिटल समेत अलग-अलग डॉक्टर विशेषज्ञ ना केवल बच्चों से संबंधित टेलीकंसल्टेशन करेंगे बल्कि कोविड केयर सेंटर में मौजूद मरीजों की देखभाल भी उनके जिम्मे होगी. डॉक्टर नंदिनी शर्मा ने बताया की कोविड केयर सेंटर में ना केवल प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ बल्कि एंबुलेंस हर वक्त तैनात रहेगी.
टीम में आकाश अस्पताल के डॉक्टर नागेश याग्निक ने कहा कि "होम आइसोलेशन में जो फैसिलिटी नहीं मिल पाती है वो सब कुछ यहां मिलेगी. ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, के साथ खाना और रहना सब कुछ फ्री होगा." वहीं एरिया पार्षद डॉक्टर नंदिनी शर्मा ने कहा कि बच्चों को इस सेंटर में भर्ती नहीं किया जाएगा बल्कि डॉक्टरों का पैनल उनका ऑनलाइन इलाज करेगा. श्री लक्ष्मी नारायण कोविड केयर सेंटर, मालवीय नगर के पीटीएस कॉलोनी में बनाया जा चुका है.
बाल रोग विशेषज डॉक्टर प्रवीण खंडूजा ने बताया कि तीसरी वेव में बच्चों के संक्रमित होने की चिंता करने के बजाय उनके कोविड प्रोटोकॉल की सख्ती पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. यहां पर जरूरत पड़ने पर बच्चों को ऑनलाइन कंसल्टेशन देंगे.
नोएडा- गाजियाबाद में कैसी है तैयारी
गाजियाबाद में संक्रमित मां के साथ बच्चा भी रह सके इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. सभी बड़े अस्पतालों को 5-5 ICU आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं. बच्चों का इलाज करने के एकमात्र अस्पताल चाइल्ड पीजीआई ग्रेटर नोएडा का शारदा अस्पताल भी बेड की संख्या बढ़ाने में जुटा है. जो कि NICU (neonatal intensive care units) और PICU (Paediatric intensive care unit) सुविधाओं वाले होंगे.
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