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केरल : PFI के साथ RSS कार्यकर्ताओं की जानकारी शेयर कर रहा था पुलिस अफसर, नौकरी से निकाला गया

आरोप है कि अनस पीके ने पुलिस डेटाबेस में मौजूद करीब 200 आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया को दी. जांच में पुष्टि हुई है कि अनस पीके ने एसडीपीआई को जानकारी दी. अनस को इस मामले में सस्पेंड किया गया था और नौकरी से हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था. लेकिन अनस संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया. इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया.

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अनस पीके करीमन्नूर पुलिस स्टेशन में तैनात था
अनस पीके करीमन्नूर पुलिस स्टेशन में तैनात था
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अनस पर 200 आरएसएस कार्यकर्ताओं की डिटेल शेयर करने का आरोप
  • PFI की राजनीतिक विंग है एसडीपीआई

केरल के एक पुलिस अधिकारी को आरएसएस कार्यकर्ताओं के बारे में आधिकारिक जानकारी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक विंग सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) को लीक करने के आरोप में निकाल दिया गया है. अनस पीके करीमन्नूर पुलिस स्टेशन में तैनात था. अनस को बुधवार को आरएसएस कार्यकर्ताओं की जानकारी शेयर करने के आरोप में बुधवार को नौकरी से निकाल दिया गया. 
 
इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनस पीके ने पुलिस डेटाबेस में मौजूद करीब 200 आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया को दी. जांच में पुष्टि हुई है कि अनस पीके ने एसडीपीआई को जानकारी दी. अनस को इस मामले में सस्पेंड किया गया था और नौकरी से हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था. लेकिन अनस संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया. इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया. 

क्या है मामला?

3 दिसंबर को केरल के इडुक्की जिले के थोडुपुझा में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के बस चालक को SDPI कार्यकर्ताओं ने बस से खींच लिया था और उसकी पिटाई की थी. यह हमला सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर हुए विवाद की वजह से हुआ था. इस मामले में पुलिस ने SDPI के 6 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस ने जांच के दौरान इनके फोन देखे. पुलिस को जांच में एक आरोपी के फोन से पता चला कि अनस पुलिस डेटाबेस से RSS कार्यकर्ताओं की जानकारी निकालकर SDPI को लीक कर रहा है. 

 

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