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केरलः अकेले कोट्टायम में 4 हफ्ते में 64% कोरोना के मामले बढ़े, केंद्र ने जताई चिंता

दक्षिणी राज्य केरल में देश के कुल कोरोना मामलों में करीब 50% मामले हैं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि राज्य में पिछले 4 हफ्तों में मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है.

सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केरल में पिछले 4 हफ्तों में कोरोना मामलों में लगातार तेजी
  • मल्लापुरम में 28 जून से शुरू हुए मामलों में 59% की वृद्धि
  • कोट्टायम में 64% तो त्रिशूर-एर्नाकुलम में 45% से ज्यादा की वृद्धि

देश में ज्यादातर शहरों में कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है, लेकिन कुछ शहर ऐसे भी हैं जहां लगातार नए आते मामलों ने केंद्र सरकार को चिंता में डाल दिया है. अब केरल के कोट्टयम जिले में पिछले 4 हफ्ते में कोरोना के मामलों में 64 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. बढ़ते मामलों के बीच केंद्र ने अब हस्तक्षेप किया है.

दक्षिणी राज्य केरल में देश के कुल कोरोना मामलों में 50% मामले हैं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि राज्य में पिछले 4 हफ्तों में मामलों में वृद्धि हुई है.

आजतक/इंडिया टुडे के द्वारा एक्सेस किए गए दस्तावेज बताते हैं कि मल्लापुरम में 28 जून से शुरू होने वाले मामलों में 59% की वृद्धि देखी गई है. 28 जून से 4 जुलाई तक मल्लापुरम में 1,428 मामले देखे गए जो अब 29 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में 2,270 तक हो गए हैं.

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इसी अवधि के दौरान त्रिशूर में भी 45.4% की वृद्धि देखी गई है. एर्नाकुलम में 46.5% की वृद्धि देखी गई है जबकि कोट्टायम में करीब 64% की वृद्धि देखी गई है.

आजतक/इंडिया टुडे के पास एक पत्र भी है जो केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण द्वारा प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, केरल को लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि हाल के दिनों में केरल में सुपर स्प्रेडर इवेंट देखे गए हैं. भूषण लिखते हैं, 'सामूहिक या सामाजिक समारोहों के दौरान कोरोना गाइडलाइंस को कड़ाई और सही तरीके से लागू किए जाने की आवश्यकता है.'

और अधिक प्रयास करने की जरुरत

5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच केरल का दौरा करने वाली केंद्रीय टीम की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए, राजेश भूषण ने लिखा कि केरल को मामले पर अंकुश लगाने के लिए "और अधिक" प्रयास करने की आवश्यकता है. अपने पत्र में, राजेश भूषण ने हाल के दिनों में केरल में देखी गई सुपर-स्प्रेडर घटनाओं की ओर इशारा करते हुए लिखा, सामूहिक और सामाजिक समारोहों के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर सख्ती और सही ढंग से लागू करने की जरुरत है.

भूषण ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार होम आइसोलेशन का पालन करने की जरुरत है. वर्तमान में, केरल में एक्टिव कोरोना के 95 प्रतिशत मामले होम आइसोलेशन में हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने अपने पत्र में यह भी बताया कि केरल में 10 जुलाई से 19 जुलाई के बीच 91,617 नए मामले और 775 कोविड से संबंधित मौतें दर्ज की गईं.

 

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