
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अभिनेता से नेता बने थालापति विजय से केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई बीते साल हुए करूर भगदड़ मामले में पूछताछ कर रही है. 27 सितंबर, 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (टीवीके) के द्वारा एक रैली का आयोजन किया गया था. इस रैली में जब विजय भाषण देने आए थे तो भगदड़ मच गई और 41 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले को लेकर सीबीआई के सामने विजय पेश हुए हैं.
सीबीआई ने विजय से क्या सवाल पूछे?
सीबीआई ने विजय से जनसभा के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर कड़ी पूछताछ की. इस सत्र में तीन मुख्य सवाल विशेष तौर पर कड़े और महत्वपूर्ण रहे.
पहला सवाल था कि "आप खुले वाहन पर खड़े थे और भीड़ के लोगों के बेहोश होने की स्थिति साफ नजर आ रही थी, तब भी आपने अपना भाषण जारी रखा, ऐसा क्यों?"
दूसरा सवाल था कि "जब कुछ लोग बेहोश हो रहे थे तब आपकी ओर से पानी की बोतलें भीड़ को दी जाती देखी गई, फिर भी आपने तत्काल इस मामले में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया?"
तीसरा और सबसे गंभीर सवाल था कि "आप समय पर सभा स्थल पर क्यों नहीं पहुंचे? आपकी इस देरी के कारण भीड़ में उथल-पुथल और दबाव बढ़ा, क्या यह आपके राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन था?"
किन बातों पर सीबीआई का फोकस?
CBI विजय से रैली के आयोजन और प्रबंधन में कथित लापरवाही को लेकर सवाल पूछेगी. एजेंसी की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि रैली से पहले पार्टी नेताओं के साथ कितनी बैठकें हुईं और उन बैठकों में क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आयोजन के दौरान किन-किन प्रक्रियाओं का पालन हुआ और किनमें चूक हुई.
CBI यह भी जांच कर रही है कि रैली के समय पुलिस और पार्टी के बीच जो व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर सहमति बनी थी, उसका सही तरीके से पालन क्यों नहीं हो पाया.
ये तस्वीरें सोमवार सुबह की है जब थालापति विजय सीबीआई के दफ्तर पहुंचे.
साथ ही, एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगा कि इतनी बड़ी संख्या में भीड़ के लिए पानी, सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए. CBI ने रैली से जुड़े खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, वॉलंटियर और सुरक्षा से संबंधित दस्तावेज भी तलब किए हैं ताकि तथ्यपूर्वक जांच की जा सके.

विजय से करीब शाम सात बजे तक पूछताछ हो सकती है. लंच ब्रेक दोपहर 1:15 या 1:30 पर होगा.
