कर्नाटक विधान परिषद में शुक्रवार को खूब हंगामा हुआ, जिसके चलते तीन बार कार्यवाही स्थगित की गई. कांग्रेस एमएलसी बी.के. हरिप्रसाद पर कथित तौर पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत का अपमान करने के आरोप हैं.
पहले दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद, विपक्षी बीजेपी एमएलसी (MLC) ने शिकायत दर्ज कराई थी. तब परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने हरिप्रसाद के आचरण को आचार समिति के पास भेजने का आदेश दिया था. हालांकि होरट्टी ने हरिप्रसाद के राष्ट्रगान के कथित अपमान पर चर्चा करने की मांग को खारिज कर दिया.
दरअसल हरिप्रसाद ने राज्यपाल के राष्ट्रगान बजने का इंतजार किए बिना सदन से बाहर चले जाने को राष्ट्रगान का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल को राष्ट्रगान बजने तक इंतजार करना चाहिए था, लेकिन वो वहां से चले गए, जो राष्ट्रगान का अपमान है.
बीजेपी ने की हरिप्रसाद को निलंबित करने की मांग
हरिप्रसाद के इस आरोप को लेकर बीजेपी के एमएलसी ने शुक्रवार को सत्र के दौरान हरिप्रसाद को सदन से बर्खास्त करने की मांग उठाई. बीजेपी के एमएलसी ने एक साथ नारे लगाते हुए कहा, 'हम गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने राज्यपाल का अपमान किया है. हरिप्रसाद को निलंबित किया जाए.'
कांग्रेस MLC ने लगाए 'भाजपा को फटकार' के नारे
इस दौरान कांग्रेस के एमएलसी और मंत्रियों ने हरिप्रसाद के सपोर्ट में 'भाजपा को फटकार' के नारे लगाए. विधानसभा अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने इस दौरान कई नेताओं को फटकार लगाई. सत्र के दौरान विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा कि हरिप्रसाद का आचरण बर्दाश्त से बाहर है.
नारायणस्वामी ने राज्यपाल के राष्ट्रगान का अपमान करने के कांग्रेस के दावे को खारिज किया और कहा कि गहलोत के जाने के दौरान राष्ट्रगान कभी बजाया ही नहीं गया था.उन्होंने कहा, 'हरिप्रसाद को परिषद से निलंबित करो. हम इस गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं करेंगे. राज्यपाल का अपमान संविधान का अपमान है.'
तीन बार स्थगित हुआ सत्र
इस मामले को लेकर होरट्टी ने कहा, 'मैंने जॉइंट सेशन की डिटेल्स मांगी है. रिपोर्ट आने दीजिए.' इसके बावजूद हंगामा डारी रहा और ऐसे में अध्यक्ष ने सत्र स्थगित करने की घोषणा कर दी. हालांकि होरट्टी ने दो बार फिर से कार्यवाही शुरू करने की कोशिश की, लेकिन बवाल नहीं थमा और उन्हें तीसरी बार सत्र स्थगित करना पड़ा.