जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी ने आज शनिवार को प्रोफेसर भीम सिंह को पार्टी के संरक्षक के पद से हटा दिया. प्रोफेसर भीम सिंह ने जम्मू में गुपकार गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की थी. हालांकि प्रोफेसर भीम सिंह पैंथर्स पार्टी के सदस्य बने रहेंगे.
प्रोफेसर भीम सिंह ने 1982 में जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी की स्थापना की थी. लेकिन उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के जम्मू स्थित आवास पर गुपकार गठबंधन के नेताओं से मुलाकात के बाद पार्टी के संरक्षक पद से हटा दिया गया.
जम्मू में शनिवार को गुपकार घोषणा में शामिल दलों की बैठक हुई. जम्मू में कई राजनीतिक, सामाजिक और गैर सामाजिक संगठनों ने पीपुल्स एलाइंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का विरोध किया है.
गुपकार समझौते से जुड़े कई राजनीतिक दलों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से राजनीतिक आंदोलन चलाने का फैसला लिया है. इस समझौते में जम्मू-कश्मीर के कई बड़े राजनीतिक दल शामिल हैं, जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी समेत तीन और दल हैं.
देखें: आजतक LIVE TV
गुपकार समझौते को लेकर तंज कसते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि गुपकार 'गप्पा-कार' है. उनके मुंगेरी लाल के सपने कभी सच नहीं होने वाले हैं. सात दशकों तक अब्दुल्ला एंड संस और मुफ्ती एंड संस ने जम्मू-कश्मीर के संसाधनों को लूटा है. उन्होंने एक 'गप्प' गैंग और 'गद्दार गैंग' का गठन किया है. लेकिन उनका यह एजेंडा पूरा नहीं हो पाएगा.
इससे पहले आजतक से बातचीत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता ने कहा कि गुपकार नेताओं को राजनीतिक गतिविधियों को करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें विवादास्पद टिप्पणी करने से बचना चाहिए. जम्मू के लोग गुपकार नेताओं के "राष्ट्र-विरोधी" बयानों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. पीडीपी के महासचिव सुरिंदर चौधरी ने भी कहा कि पार्टी तिरंगे का सम्मान करती है. हमारी पार्टी अध्यक्ष के बयान का गलत अर्थ निकाला गया.