हमास-इजरायल युद्ध के बीच इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा कि इजरायल भारत को हमास से संबंधित जानकारी दे रहा है. हमें उम्मीद है कि भारत हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करेगी. ऐसा करीब 40 देश कर चुके हैं. नाओर ने कहा कि भारत उस तरह से इजरायल का समर्थन कर रहा है जैसा वह चाहता था और मौजूदा संकट ने यह साबित किया है कि दोनों देशों के बीच संबंध कितने मजबूत हैं. हमास-इजरायल संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत द्वारा गाजा के लोगों को मानवीय सहायता भेजने से तेल अवीव को कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि यह जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने के समर्थन में है. उन्होंने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने की भारत से इजराइल की अपेक्षा का भी जिक्र किया.
नाओर ने कहा कि इजरायल ऐसा पूरी दुनिया में कर रहा है, न कि केवल भारत में. हमास पहले से ही लगभग 40 देशों में आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित हो चुका है. सभी यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे देशों ने ये कदम उठाया है. हम चाहते हैं कि हमारे कई मित्र इसे आतंकी संगठन घोषित करें. हम सटीक जानकारी प्रदान करने की प्रक्रिया में हैं. उम्मीद है कि भारत इस पर ध्यान देगा.
हमास नेता खालिद मशाल के केरल में फिलिस्तीन समर्थक रैली में भाग लेने का जिक्र करते हुए, इजरायली राजदूत ने कहा कि भारत द्वारा हमास को आतंकी घोषित किए जाने पर ऐसी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी. मुझे उम्मीद है कि भारत ऐसा करेगा. हालांकि मुझसे इसके लिए कोई वादा नहीं किया गया है, हम इसे अधिक से अधिक मित्र देशों को जोड़ने के एक ईमानदार प्रयास के रूप में कर रहे हैं जैसा कि हम लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठनों में देखते हैं.
उन्होंने कहा कि हम किसी भी मानवीय संकट को टालना चाहते हैं. हम मानवीय सहायता दे रहे हैं. अगर भारत मानवीय सहायता भेजना चाहता है, तो यह हमारे लिए ठीक है. इसमें कोई विरोधाभास नहीं है. गिलोन ने कहा कि हमें भारत में मजबूत समर्थन मिल रहा है, बेशक, ऐसे तत्व हैं जो कम मित्रवत हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यहां बहुमत इजरायल के मजबूत समर्थक हैं और वे हमास को खत्म नहीं करने के जोखिम को समझते हैं.