ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने बुधवार को ईरान के एक युद्धपोत को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डुबो दिया. यह ईरानी युद्धपोत फ्रिगेट IRIS डेना भारतीय नौसेना की तरफ से आयोजित सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था.
ईरान युद्धपतो के नाविक भारत दौरे में कई जगहों पर शामिल हुए थे. उन्होंने भारत में ताजमहल और बोधगया का भी दौरा भी किया था.
इंडियन एकस्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आर.के. बीच रोड (विशाखापत्तनम) पर मौजूद 'बीच व्यू हॉलीडे होम' से काफी लोग कई देशों के नौसैनिकों की मार्च-पास्ट देख रहे थे. होटल के मालिक सुरेश ने बताया कि मुझे ईरानी नौसैनिक खासतौर पर याद हैं, वे बीच के पास सेल्फी ले रहे थे और तस्वीरें खींच रहे थे. एक होटल व्यवसायी के तौर पर मेरी हमेशा यही कामना रहती है कि जो भी विजाग आए, वह सुरक्षित अपने घर लौटे.
भारत में अपने प्रवास के दौरान ईरानी नौसैनिकों ने रुशिकोंडा पहाड़ी पर स्थित कैलासगिरी, सबमरीन म्यूजियम और संकल्प आर्ट विलेज जैसी जगहों का भी दौरा भी किया.
इस अभ्यास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी विजाग आई थीं. इस कार्यक्रम में 85 जहाजों ने हिस्सा लिया, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत शामिल थे. भारतीय बेड़े में भारतीय नौसेना के 60 जहाज, भारतीय तटरक्षक के 4 पोत, और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी का एक-एक जहाज शामिल था.
ताजमहल का दौरा
इंडियन एकस्प्रेस के अनुसार, ईरानी नौसैनिक 13 से 15 फरवरी के बीच विशाखापत्तनम पहुंचे थे. इस दौरान विदेशी नौसैनिक अधिकारियों ने ताजमहल और बोधगया का भी दौरा भी किया था.
एक अधिकारी ने बताया कि ईरानी और भारतीय युद्धपोतों के बीच क्रॉस-डेक विजिट भी हुईं. ईरानी नौसैनिक भारतीय जहाजों पर गए और भारतीय नौसेना के अधिकारी उनके जहाज पर गए. युवा अधिकारियों के बीच बातचीत और मेल-मिलाप हुआ. वे बहुत खुशमिजाज लोग थे और सभी ने उनके साथ बिताया समय खूब आनंद से बिताया.
आर.के. बीच रोड पर स्थित ए.पी. ग्रामीण विकास बैंक के एक कर्मचारी ने कहा कि एक दिन पहले मैंने रिहर्सल देखी थी. ईरानी नौसैनिक स्थानीय लोगों के साथ सेल्फी ले रहे थे और बातचीत कर रहे थे. यह जानकर बहुत दुख होता है कि कुछ ही दिन पहले हमारे बीच रोड पर मार्च करने वाले लोग आज इस तरह की त्रासदी का शिकार हो गए.