पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है. भारतीय झंडे वाला LPG कैरियर ‘जग विक्रम’ 11 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने के बाद मंगलवार को गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया है. जहाज पर 20,400 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है जो भारत की घरेलू एलपीजी आपूर्ति चेन को और मजबूती देगी. साथ ही मंत्रालय ने बताया कि 15 भारतीय जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी हैं.
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलपीजी गैस लेकर आया कैरियर जग विक्रम ऑयल जेटी नंबर-1 पर डॉक हो गया है, जहां पाइप लाइन की मदद से टैंकर को खाली किया जा रहा है.
जग विक्रम के भारत पहुंचने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ‘जग विक्रम’ अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर की घोषणा के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है. इस रणनीतिक जल मार्ग से गुजरना विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारतीय जहाज
वहीं, पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने सोमवार को अंतर-मंत्रालयीय ब्रिफिंग में बताया कि वर्तमान में 15 भारतीय झंडे वाले और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं.
उन्होंने बताया कि मंत्रालय विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय करके इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश जारी है.
उन्होंने कहा कि इन जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सबसे ऊपर है. हम MEA के साथ समन्वय में प्रयास कर रहे हैं. जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, इन जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी.
24 घंटे में वापस लौटे 93 नाविक
उन्होंने कहा, 'पिछले 24 घंटों में हमें किसी भी भारतीय जहाज के साथ अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है. मंत्रालय ने अब तक 2177 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 93 नाविक शामिल हैं.'
मंत्रालय ने आगे कहा, 'देश के सभी बंदरगाहों पर परिचालन पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ या जाम की स्थिति नहीं है. सरकार समुद्री व्यापार और नाविकों के कल्याण के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय मिशनों के संपर्क में है.'
आपको बता दें कि भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है. ऐसे में जग विक्रम का सुरक्षित आगमन न केवल आपूर्ति चेन को मजबूत करेगा, बल्कि घरेलू बाजार में एलपीजी की उपलब्धता और कीमत स्थिरता बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा.