भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई है और अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही ऐसा हमें देखने को मिल रहा है. मार्च से कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है और अब 2 अप्रैल को एक बार फिर एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है.
इसके असर से फिलहाल पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम और अंडमान-निकोबार में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. पश्चिमी हिमालय में बारिश और हल्की बर्फबारी हो सकती है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश संभव है. वहीं आज, 2 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है. केरल और तमिलनाडु में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है.
आईएमडी के मुताबिक, अप्रैल और जून के बीच, देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, सिवाय पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ मध्य भारत के पूर्वी हिस्सों और उससे सटे प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के, जहां सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान रहने की उम्मीद है.
मासिक पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है, साथ ही अप्रैल में सामान्य से अधिक बारिश होने की भी उम्मीद है.
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा, "गर्मी के मौसम (अप्रैल-मई-जून) के दौरान, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. हालांकि विभाग ने यह भी कहा कि अप्रैल में देश के कई हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.
पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में अप्रैल में कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है.