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श्रीनगर-शारजाह फ्लाइट के लिए पाकिस्तान से भारत ने मांगी अनुमति, महंगा हो सकता है सफर

भारत ने पाकिस्‍तान के साथ श्रीनगर-शारजाह उड़ान के लिए ओवरफ्लाइट को मंजूरी देने का मुद्दा उठाया है. भारत ने राजनयिक चैनलों के माध्‍यम से अपनी बात रखी और ‘आम लोगों के बड़े हित में’ मंजूरी देने का अनुरोध किया है.

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पाकिस्‍तान ने गोफर्स्‍ट की उड़ान के लिए 31 अक्‍टूबर से 30 नवंबर 2021 तक के लिए मंजूरी नहीं दी
पाकिस्‍तान ने गोफर्स्‍ट की उड़ान के लिए 31 अक्‍टूबर से 30 नवंबर 2021 तक के लिए मंजूरी नहीं दी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • श्रीनगर-शारजाह उड़ान के लिए ओवरफ्लाइट को मंजूरी देने का मुद्दा
  • आम लोगों के बड़े हित में मंजूरी देने का अनुरोध किया

भारत (India) ने पाकिस्‍तान (Pakistan) के साथ श्रीनगर-शारजाह उड़ान (Srinagar-Sharjah Flight) के लिए ओवरफ्लाइट को मंजूरी देने का मुद्दा उठाया है. इसके लिए भारत ने राजनयिक चैनलों के माध्‍यम से अपनी बात रखी है और ‘आम लोगों के बड़े हित में’ मंजूरी देने का अनुरोध किया है.

पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने 23, 24, 26 और 28 अक्‍टूबर को श्रीनगर-शारजाह सेक्‍टर के लिए गोफर्स्‍ट की उड़ानों को ओवरफ्लाइट मंजूरी दी थी. लेकिन इसके बाद पाकिस्‍तान ने इसी उड़ान के लिए 31 अक्‍टूबर से 30 नवंबर 2021 तक की अवधि के लिए मंजूरी नहीं दी. 

सूत्रों का कहना है कि इस मामले को राजनयिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के साथ उठाया गया और पाकिस्तान से अनुरोध किया गया कि इस मार्ग पर टिकट बुक करने वाले आम लोगों के बड़े हित में इस उड़ान के लिए ओवरफ्लाइट मंजूरी दी जाए.

बता दें कि पाकिस्तान के मंजूरी न देने की वजह से एयरलाइन को अपने उड़ान समय में 40 मिनट और जोड़ने पड़े यानी फ्लाइट को लंबे रूट से जाना और आना पड़ा. लंबे रूट का मतलब है ज़्यादा ईंधन की खपत, जिससे फ्लाइट के टिकट की कीमत में बढ़ोत्तरी की जा सकती है. ये भी हो सकता है कि इस नॉन-स्टॉप सेवा को एक-स्टॉप सेवा में बदल दिया जाए. हालांकि, अभी गोफर्स्ट ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

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इस बीच, पाकिस्तान ने माना कि उसने कश्मीर से संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ानों के संचालन के लिए गोफर्स्ट को हवाई क्षेत्र के उपयोग से इनकार किया है.

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता, असीम इफ्तिखार अहमद ने  4 नवंबर को इस्लामाबाद में मीडिया ब्रीफिंग में श्रीनगर-शारजाह उड़ानों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ऐसी उड़ानों के लिए ओवर-फ्लाइट की अनुमति से इनकार कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) के पास इस बारे नें तकनीकी जानकारी होगी. इस मुद्दे के कई पहलू हैं और संबंधित अधिकारी इससे पूरी तरह से वाकिफ हैं.

आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष उड़ान को 29 अक्टूबर को G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी थी. अधिकारियों ने कहा कि इटली से उनकी वापसी की उड़ान को भी 3 नवंबर को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी.

 

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