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LIVE: LPG शॉर्टेज की मार...मरीजों की थाली से रोटियां गायब, रेस्टोरेंट में अब चूल्हे

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने से भारत में LPG (तरल पेट्रोलियम गैस) की उपलब्धता पर असर पड़ रहा है.

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भारत में गहरा रहा है एलपीजी संकट. (Photo: PTI)
भारत में गहरा रहा है एलपीजी संकट. (Photo: PTI)

मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत मे एलपीजी संकट गहरा गया है. भारत के कई शहरों में  इसका असर देखने को मिल रहा है और कई शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है. कई शहरों में पैनिक बाइंग और लंबी कतारें देखी जा रही हैं. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG प्राथमिकता दी है और रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए हैं. साथ ही सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू कर ब्लैक मार्केटिंग रोकने जैसे के कड़े कदम उठाए गए हैं.

यहां देखें लाइव अपडेट्स...

-उत्तर प्रदेश के बलिया में लोग LPG सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी के बाहर भारी भीड़ उमड़ी है, लोगों लाइन में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं. 

-लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में गैस संकट का असर अब मरीजों की थाली तक पहुंच गया है. हालात ऐसे बन गए कि जहां सामान्य दिनों में मरीजों को दाल-सब्जी के साथ चार रोटियां मिलती थीं. वहीं, अब सिर्फ दो रोटियों में ही काम चलाया जा रहा है. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से किचन संचालकों ने मजबूरी में रोटियों की संख्या घटाकर चावल की मात्रा बढ़ा दी, जिससे मरीजों को आधा पेट भोजन मिलने की शिकायतें सामने आने लगी हैं.

गैस संकट का असर सिर्फ मरीजों तक सीमित नहीं रहा. केजीएमयू के कई छात्रावासों की मेस में भी रसोई ठप होने की नौबत आ गई. बुधवार को कई मेस में जैसे-तैसे खाना बनाया गया, लेकिन आधा-अधूरा भोजन देखकर बड़ी संख्या में छात्रों को बाहर जाकर खाना पड़ गया. 

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मेस संचालकों का कहना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में मेस चलाना मुश्किल हो जाएगा.

हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन ने दी चेतावनी


पिछले कुछ दिनों से रेस्टोरेंट और होटलों में गैस सप्लाई में रुकावट की खबरें आ रही हैं, जिसको लेकर हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में खाने की जगहों को कमर्शियल सिलेंडर खरीदने में मुश्किल हो रही है, जिससे कुछ को मेन्यू कम करने या काम कम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

रिफाइनरियों ने बढ़ाया प्रोडक्शन

हालांकि, सरकार का कहना है कि पूरे देश में LPG की कोई दिक्कत नहीं है और उसने रिफाइनरियों को प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया है, सप्लाई को स्थिर करने के लिए आउटपुट लगभग 10% बढ़ाया है, सप्लाई की चिंताएं वेस्ट एशिया में तनाव से जुड़े ग्लोबल एनर्जी मार्केट में रुकावटों के बीच आई हैं, जिससे फ्यूल लॉजिस्टिक्स और उपलब्धता पर असर पड़ा है.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू LPG में कोई कमी नहीं है और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. नागरिकों से अपील की गई है कि वे गलत सूचनाओं पर विश्वास न करें या फॉरवर्ड न करें.

इसी बीच विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस के सांसदों ने संसद परिसर में सुबह 10:30 बजे LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया.

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