भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस हफ्ते मौसम के दो रूप दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश, तेज तूफान और बिजली गिरने का खतरा है, तो वहीं दूसरी ओर देश के मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े इलाकों में खतरनाक गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दोनों स्थितियों के लिए अलर्ट जारी किया है.
उत्तर-पूर्व में तूफान और भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर-पूर्व के लोग इस हफ्ते खराब मौसम का सामना कर रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 15, 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश, बिजली और तूफान की संभावना है. असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को भारी बारिश के साथ 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं. वहीं, नागालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश और तूफान का अलर्ट है.
बता दें कि पिछले 24 घंटों में त्रिपुरा में कई जगहों पर 7-11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. जबकि अरुणाचल प्रदेश में रातभर 50-80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चली हैं.
मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी
देश के ज्यादातर मैदानी इलाकों में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है. मंगलवार को कई जगहों पर तापमान 38 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में सबसे ज्यादा 44 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग के पूर्वामुमान के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और रायलसीमा में पूरे हफ्ते लू चलने की आशंका है. वहीं, 18 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 3-4 डिग्री बढ़ सकता है.
20 अप्रैल तक मध्य भारत में तापमान 2-3 डिग्री और ऊपर जा सकता है.
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तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी
गुजरात, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा और तेलंगाना में रात का तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री ज्यादा चल रहा है. इससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है.तटीय क्षेत्रों के लोगों को गर्मी के साथ-साथ भारी उमस का भी सामना करना पड़ रहा है. गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तटीय महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में इस सप्ताह गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा.
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मौसम की इस दोहरी मार की वजह क्या है?
मौसम की यह दोहरी स्थिति कई वायुमंडलीय सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण बनी हुई है. इनमें भूमध्य सागर पर एक पश्चिमी विक्षोभ, उत्तरी बांग्लादेश पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और दो वायु दाब गर्त – एक बिहार से मणिपुर तक और दूसरा मध्य प्रदेश से तमिलनाडु तक शामिल है. वहीं, 16 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने वाला है, जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
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ऐसे में लू प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सलाह दी जाती है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें. खूब पानी पिएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों को तेज धूप से दूर रखें. तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को चेतावनी वाली तारीखों पर समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है.