लद्दाख में भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच चीनी समुद्री जहाज भारतीय समुद्री सीमा में घुस आए थे. चीनी युआन वांग क्लास रिसर्च पोत (जहाज) पिछले महीने मलक्का जलडमरूमध्य (मलक्का स्ट्रेट्स) से भारतीय समुद्री सीमा में घुसे थे.
इस क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की ओर से लगातार नजर रखी जा रही थी. भारतीय नौसेना के जहाजों की लगातार निगरानी में रहने की वजह से कुछ दिनों पहले चीनी रिसर्च पोत वापस चीन लौट गया.
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है कि जब चीनी जहाज भारतीय सीमा में घुसे हों. चीन से ऐसे रिसर्च पोत नियमित रूप से भारतीय समुद्री क्षेत्र में आते रहे हैं और वे भारतीय समुद्री क्षेत्र के बारे में संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं.
पिछले साल, इसी तरह के एक रिसर्च पोत को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास भारतीय समुद्री क्षेत्र से बाहर जाने को कहा गया था क्योंकि उसे भारतीय जल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया था.
राज्यसभा में राजनाथ सिंह का बयान
इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज गुरुवार को भारत-चीन सीमा पर हालात के बारे में राज्यसभा को जानकारी देते हए कहा कि शांति बहाल करने के लिए कई समझौते किए गए. चीन औपचारिक सीमाओं को नहीं मान रहा है. उसकी कथनी और करनी में फर्क है.
उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने गलवान घाटी में चीन को भारी क्षति पहुंचाई. चीन की किसी भी कार्रवाई का हम जवाब देंगे. चीन की ओर से उकसाने की कार्रवाई हुई है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए हमारी सेना तैयार है.
दूसरी ओर, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव के बीच विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है. एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि चीन ने करीब 1,000 स्क्वायर किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा किया है, जिसमें 900 स्क्वायर किलोमीटर का क्षेत्र डेपसांग में है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में दिए गए बयान में डेपसांग का जिक्र नहीं किया. प्रधानमंत्री, यह आपके लिए असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इस समय आप संसद को पूरी जानकारी देने से रोक रहे हैं. आप सांसदों के प्रति जवाबदेह हैं.
कांग्रेस नेता एके एंटनी ने आरोप लगाया कि गलवान कभी विवाद का विषय रहा ही नहीं है, पैंगोंग में भी वो हमें पैट्रोलिंग नहीं करने दे रहे है. हालांकि, कांग्रेस नेता को जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को पैट्रोलिंग करने से नहीं रोक सकती है.