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सड़क पर मिला 45 लाख का सोना, पलभर भी नहीं डगमगाया ईमान… कौन हैं महिला सफाईकर्मी पदमा?

चेन्नई की व्यस्त सड़क पर ड्यूटी के वक्त महिला सफाईकर्मी पदमा को एक थैला पड़ा मिला. भीतर झांका तो 45 लाख रुपये की सोने की ज्वेलरी देख वह चौंक गईं, लेकिन लालच का कोई पल उनके मन में नहीं आया. सीमित आमदनी और साधारण जिंदगी के बावजूद पदमा ने बिना देर किए थैला पुलिस को सौंप दिया. जानिये कौन हैं पदमा, जिनकी ईमानदारी की मिसाल दी जा रही है.

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कौन हैं सफाई कर्मचारी पदमा. (Photo: Screengrab)
कौन हैं सफाई कर्मचारी पदमा. (Photo: Screengrab)

दिन निकला ही था. चेन्नई के टी नगर इलाके में सफाई हो रही थी. सड़क पर बिखरी धूल, कागज और कचरे के बीच एक महिला अपने काम में जुटी थी. नाम- पदमा... पेशा- नगर निगम की सफाईकर्मी... जिंदगी- सीमित साधन, किराए का घर, परिवार की जिम्मेदारियां. लेकिन उसी सुबह किस्मत ने पदमा के सामने एक ऐसा इम्तिहान रख दिया, जिसने उनकी ईमानदारी को पूरे देश के सामने मिसाल बना दिया.

सफाई करते वक्त पदमा की नजर सड़क किनारे पड़े एक बैग पर पड़ी. आम तौर पर लोग ऐसे बैग को या तो अनदेखा कर देते हैं या उसे कबाड़ समझकर आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन पदमा को कुछ अजीब लगा. उन्होंने झाड़ू रोकी, बैग उठाया और झांककर देखा. जैसे ही बैग खुला, वह सन्न रह गईं. अंदर सोने के गहने थे... हार, कंगन, चूड़ियां... चमक ऐसी कि आंखें चौंधिया जाएं.

पलभर के लिए पदमा के हाथ थम गए. मन में सवाल आया- इतना सोना? आखिर किसका होगा? बाद में पता चला कि ये गहने करीब 45 स्वर्ण (सॉवरेन) के थे, जिनकी कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई. इतनी बड़ी रकम, जो किसी की पूरी जिंदगी बदल सकती थी. लेकिन यहीं से पदमा की कहानी खास बन जाती है.

gold worth 45 lakh found honesty unshaken sanitation worker padma

पदमा ने न तो देर की, न ही किसी से सलाह ली. उन्होंने बैग बंद किया और सीधा पॉंडी बाजार पुलिस स्टेशन पहुंच गईं. वहां पुलिस से कहा कि सड़क पर सफाई करते वक्त ये बैग मिला है.

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पुलिस भी हैरान रह गई. जब बैग खोला गया और गहनों की गिनती हुई, तो वजन निकला 45 सॉवरेन, कीमत करीब 45 लाख रुपये. पुलिस रिकॉर्ड खंगालने लगी और जल्द ही पता चला कि नंगनल्लूर के रहने वाले रमेश ने कुछ समय पहले सोने से भरे बैग के खोने की शिकायत दर्ज कराई थी.

जांच-पड़ताल के बाद रमेश को थाने बुलाया गया. पहचान और पुष्टि के बाद वही बैग रमेश को सौंप दिया गया. रमेश की आंखों में राहत के आंसू थे और पुलिस स्टेशन में मौजूद हर शख्स की नजरें पदमा पर टिक गईं... एक ऐसी महिला, जिसने चाहा होता तो सब कुछ बदल सकती थी, लेकिन उसने ईमानदारी को चुना.

पदमा… एक नाम, दो कहानियां

ये पहली बार नहीं था, जब पदमा और उनका परिवार ईमानदारी की मिसाल बना. पुलिस ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान मरीना बीच के पास पदमा के पति सुब्रमणि को सड़क पर 1.5 लाख रुपये कैश मिले थे. तब भी उन्होंने बिना किसी लालच के पैसे पुलिस को सौंप दिए थे.

पदमा और सुब्रमणि एक किराए के घर में रहते हैं. परिवार में एक बेटा और एक बेटी है. सीमित आमदनी में घर चलाना आसान नहीं, लेकिन दोनों एक मिसाल हैं.

जब ईमानदारी को मिला सम्मान

पदमा की इस ईमानदारी की चर्चा जल्द ही पूरे चेन्नई में फैल गई. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह एक ही सवाल था- आज के दौर में भी क्या ऐसे लोग होते हैं?

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन तक यह खबर पहुंची. उन्होंने पदमा को सम्मानित करने का फैसला किया. मुख्यमंत्री ने पदमा को सम्मान पत्र के साथ 1 लाख रुपये की नकद राशि भेंट की और कहा कि पदमा जैसी महिलाएं समाज की असली ताकत हैं.

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मशहूर ललिता ज्वेलरी के मालिक ने भी पदमा की ईमानदारी की सराहना की. उन्होंने पदमा और उनके पति को अपने घर आमंत्रित किया और सम्मानित किया.

पदमा का मानना है कि अगर वह वो सोना रख लेतीं, तो शायद कुछ समय की खुशहाली मिल जाती, लेकिन जिंदगी भर का बोझ भी साथ आता. पदमा मानती हैं कि उनके बच्चों के लिए सबसे बड़ी विरासत ईमानदारी है, न कि सोना या पैसा.

लोगों का कहना है कि आज पदमा उन चंद लोगों में शामिल हो गई हैं, जिनकी कहानियां समाज को आईना दिखाती हैं. जब रोज लालच, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की बातें होती हैं, तब पदमा जैसी महिलाएं उम्मीद जगाती हैं कि इंसानियत अब भी जिंदा है. चेन्नई की उस सड़क पर जब लोग उस रास्ते से गुजरते हैं, तो शायद उन्हें याद आता है कि यहीं कहीं पदमा को 45 लाख का सोना मिला था... और उन्होंने ईमान को चुना था.

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Input: Pramod
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