G20 समिट से एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम नरेश ने कहा कि देश में पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आजादी से पहले हुआ था. यह सम्मेलन 23 मार्च से दो अप्रैल 1947 के बीच हुआ था. इसे एशियन रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के तौर पर जाना जाता है. इस पर कई किताबें भी लिखी गई हैं जिनमें 28 देशों ने हिस्सा लिया था.
जयराम रमेश ने कहा कि सिर्फ विदेश मंत्री ही इसके महत्व और प्रभाव को समझ सकते हैं फिर बेशक आज वह इसे सिरे से खारिज कर दें. यह सम्मेलन पुराना किला में एक बड़े पंडल में सार्वजनिक रूप से हुआ था. इसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूएसएसआर, ब्रिटेन और संयु्क्त राष्ट्र ने हिस्सा लिया था. इस सम्मेलन के समापन पर महात्मा गांधी ने संबोधित किया था और उनका यह संबोधन यूट्यूब पर भी उपलब्ध है.
कांग्रेस ने इससे पहले केंद्र सरकार पर G20 बैठक का इस्तेमाल कर चुनावी प्रचार करने का आरोप लगाया था. कांग्रेस ने कहा था कि सरकार असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रही है. G20 में रूस और चीन के राष्ट्रपति के भी भारत नहीं आने पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा था कि इस पर विदेस मंत्री जयशंकर को जवाबू देना चाहिए. बता दें कि नौ और दस सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में जी20 सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.
G20 में कितने देश शामिल
बता दें कि G20 में 19 व्यक्तिगत देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं. ये देश हैं ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका. इसी के साथ, जी 20 के सदस्य देश, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करते हैं.